जलालाबाद (शाहजहांपुर)। खाद्य औषधि एवं सुरक्षा विभाग की ओर से शनिवार को की गई कार्रवाई के बाद सौंफ कारखानों पर ताले लटके रहे। जलालाबाद बाजार मिलावटखोरी के लिए मशहूर रहा है। पहले यहां नकली जीरा और काली मिर्च का काम होता था। खाद्य विभाग के रडार पर अभी कई कारोबारी है। इनकी तलाश में टीमें सक्रिय हैं।
बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे, सरैया रोड, याकूबपुर तिराहा के पास और गुनारा आदि को मिलाकर नगर में करीब दो दर्जन से ज्यादा सौंफ कारखाने संचालित है। यहां पर खराब सौंफ को साफ-सफाई के बाद सेंथेटिक रंग का इस्तेमाल करके चमकदार करने के बाद अधिक दाम पर बाजार में बेचा जाता है।
असली सौंफ देखने में सूखी और पीले रंग की दिखाई देती है। सेंथेटिक हरे रंग का इस्तेमाल करने के बाद इसे जिले से लेकर आसपास के जनपदों में भेजा जाता है। इसका इस्तेमाल अधिकतर होटलों में किया जाता है। तहसील क्षेत्र में काफी समय से सौंफ का काला कारोबार खुले आम चल रहा है।
खाद्य विभाग की ओर से नमूने तो लिए गए लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले तहसील क्षेत्र में काली मिर्च और नकली जीरे की बिक्री बाजार में होती थी। खाद्य विभाग की सख्ती के बाद कई नमूने लिए गए और पांच लाख तक का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद काली मिर्च और नकली जीरे का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने अपना ठिकाना बदल दिया।
पांच महीने पहले भी हुई थी कार्रवाई
करीब पांच माह पहले भी गुनारा जाने वाले रोड पर संचालित सौंफ कारखाने पर कार्रवाई की गई थी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में सेंथेटिक रंगों से बनाई गई सौंफ व इसमें प्रयोग किया जाने वाला रंग बरामद किया था। विभाग की ओर से पहली बार किसी सौंफ व्यापारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लोगों के अनुसार इस व्यापार से जुड़े लोग सीजन में बड़ी मात्रा में सौंफ खरीदकर उसका स्टॉक कर लेते हैं और डिमांड के अनुरूप इसे कारखानों पर भेजकर इसी तरह साफ और चमकदार बनाकर सप्लाई कर देते हैं।
-
जलालाबाद में बड़े स्तर पर मिलावटखोरी का काम चल रहा है। मिलाटवखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। कई मिलावटखोर रडार पर हैं। टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं।
- विनीत कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य औषधि एवं सुरक्षा विभाग