पुवायां। विरासत और जमीन के विवाद के मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रामचंद्र ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उन्हें और भाइयों को विरासत के रूप में मिली कृषि भूमि की विरासत में लेखपाल ने त्रुटिवश रामचरन का नाम भी दर्ज कर दिया। रामचरन ने इसका फायदा उठाते हुए नत्थापुर की विट्टा देवी, जेबां के वीरेश सिंह, गंगाई के रामेंद्र और राजपाल से मिलकर 27 मई 2025 को जमीन को बिक्री कर दिया।
उधर रामचरन ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनके पिता ओरीलाल की मौत के बाद मां ओमवती ने ओरीलाल के भाई रामलाल से विवाह कर लिया था। भाइयों ने उनके अभिलेखों में पिता का नाम रामलाल डलवा दिया। उन्होंने पिता की जमीन पर नाम दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया तो भाई लेखराज, रामचंद्र, राजेंद्र प्रसाद, लेखराज की पत्नी दयावती, रामचंद्र की पत्नी पुष्पा देवी ने 18 नवंबर 2025 को उनके घर आकर गाली-गलौज करने लगे और जान से मारने की धमकी भी दी। थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। संवाद