सर्दी के मौसम ने शनिवार को अंगड़ाई ले ली। आसमान पर बादलों की परत के साथ छाई कोहरे की घनी चादर से तापमान लुढ़कने के साथ ठंड में इजाफा हो गया। पौ फटने के बाद करीब चार घंटे तक इतना घना कोहरा छाया रहा कि 50 मीटर आगे का दिखना कठिन हो गया और रेलवे के विजुअलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट कोहरे की धुंध में गुम हो गए। इलेक्ट्रिक सिगनल नहीं दिखने के कारण ट्रेनों को पटरियों पर डेटोनेटर दागकर पटाखा सिगनल से आगे बढ़ाया गया। उधर, विभिन्न मार्गों पर सुबह रवाना होने वाली बसें देरी से छूटकर धीमी रफ्तार से मंजिल तक पहुंची। कई दिन से आसमान पर बादल छाने से सुबह के वक्त धूप हल्की रहने के बाद दोपहर तक बदली छटने से मौसम साफ हो जाता था। शनिवार सुबह छह बजे बिस्तर छोड़कर लोग घरों के निकले तो चारों ओर घना कोहरा छाया मिला। कोहरे की परत इतनी घनी रही कि दो-तीन करीबी मकान छोड़कर आगे के घर दिखने कठिन हो गए। सूर्योदय के बाद धूप के दबाव से कोहरा इतना अधिक घना हो गया कि सड़क पर वाहन चलाना कठिन हो गया। इस कारण रेल और सड़क यातायात भी लड़खड़ा गया। स्टेशन पर एसएम ऑफिस से 180 मीटर के फासले पर लगाए गए वीटीओ दिखाई देने बंद हुए तो ट्रेनों को स्टेशन पर लाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए रेल पथ अनुभाग सक्रिय हो गया।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रदीप द्विवेदी ने फॉगमैन की टीम से दोनों लाइन के आउटर सिगनल के पास डेटोनेटर लगवाए। ट्रेन आने पर उन्हें पटाखा के सहारे सिगनल देकर धीमी रफ्तार से आगे बढ़ाया गया। स्टेशन अधीक्षक एके गौतम के अनुसार सुबह दस बजे तक दृश्यता बेहद कम रहने के कारण ट्रेनों को डेटोनेटर सिगनल सिस्टम से चलाया गया। तमाम ट्रेनें चार से सात घंटे लेट चल रही हैं।
यात्री नहीं मिलने पर देर से रवाना हुईं बसें
परिवहन निगम के स्थानीय डिपो से आगरा, कानपुर, फर्रुखाबाद आदि मार्गों पर प्रात:कालीन सेवाएं तड़के चार से पांच बजे के बीच शुरू हो जाती हैं। इसी तरह पुवायां, बंडा, खुटार, पलिया, लखीमपुर खीरी, गोला, सीतापुर आदि मार्गों पर सुबह छह बजे से बसों की रवानगी होने लगती है, शनिवार सुबह रोडवेज का टाइम टेबिल फेल हो गया। एआरएम रामबहादुर यादव के अनुसार सुबह कोहरे की वजह से स्टेशन से बसें देर से निकल पाईं क्योंकि तब तक पर्याप्त यात्री नहीं थे। विभागीय नियमानुसार बसों का लोड फैक्टर मानक के अनुरूप होने पर ही उन्हें मार्गों पर भेजने के निर्देश हैं।
तापमान गिरने से बढ़ी आर्द्रता
गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि कोहरा रात से ही गिरने लगा। तापमान एक डिग्री गिरने के साथ आर्द्रता 98 प्रतिशत हो गई। सुबह कोहरा ज्यादा होने पर 24 घंटे की तुलना में अधिकतम तापमान दो डिग्री घट गया, लेकिन हल्की धूप निकलने से आर्द्रता भी घटकर 70 प्रतिशत रह गई जो शुक्रवार को रिकार्ड की गई आर्द्रता की तुलना में 12 फीसदी अधिक है।