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मिर्जापुर क्षेत्र के पांच गांवों का सड़क संपर्क कटा

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मिर्जापुर के ढाईघाट मार्ग पर ग्राम चौंरा के निकट तेज पानी के बहाव से निकलते वाहन। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश होने से गंगा में मंगलवार को दसवें दिन भी जलस्तर में वृद्धि हुई। कलान क्षेत्र में भैंसार बांध पर बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर दो सेमी बढ़कर 143. 52 मीटर हो गया। मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा की बाढ़ से चौतरफा घिरे आजादनगर और इस्लामनगर समेत पांच गांवों का मुख्य मार्गों से सीधा संपर्क टूट गया है। उधर, परौर क्षेत्र में रामगंगा उतार पर होने के कारण भूमि कटान से ग्रामीण खासे परेशान हैं।
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मिर्जापुर क्षेत्र में बाढ़ से घिरे पैलानी उत्तरी ग्राम पंचायत के मजरा आजादनगर, इस्लाम नगर और मस्जिद नगला समेत इन गांवों से लगे हुए फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमथरी और चितार के संपर्क मार्ग पानी में डूब जाने से उनका ब्लॉक और तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
बाढ़ से घिरे इन गांवों से जुड़ने वाले चौंरा-कमथरी मार्ग पर तीन फीट पानी चलने और मस्जिद नगला से इस्लाम नगर के बीच कच्चे रास्ते पर बनी पुलिया के बाढ़ में बह जाने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। प्रशासन ने आजादनगर के बाशिंदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एक नाव भेजी, लेकिन वह अपर्याप्त साबित हो रही है।
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जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग पर ग्राम चौंरा के निकट बाढ़ का पानी रोड से उतरकर ग्राम चौंरा को जलमग्न कर रहा है। इस मार्ग पर पानी का बहाव काफी तेज होने के बावजूद उसके बीच से होकर जरूरतमंद आने-जाने को मजबूर हैं। चौंरा गांव में पुलिस पिकेट प्वॉइंट पर मौजूद लेखपाल प्रद्युमन प्रसाद और आदर्श कुमार ने बताया की बाढ़ से घिरे गांवों में पहुंचने के लिए ग्रामीणों ने नाव की मांग की है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की आवश्यकता को देखते हुए एसडीएम रमेश बाबू के निर्देश पर वहां एक नाव भेज दी गई है, लेकिन अभी हालात ऐसे नहीं बने हैं कि गांवों तक रसद आदि भेजी जाए। इधर, बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख 14 हजार 152 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी की यह मात्रा बीते दिन की तुलना में करीब 30 हजार क्यूसेक कम हो जाने से अगले 24 घंटे में गंगा घटने के आसार है।
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रामगंगा उतार पर, कटान हुआ तेज
परौर। उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में मंगलवार को पानी की निकासी एक हजार क्यूसेक कम होकर 12654 क्यूसेक रह गई। इस कारण रामगंगा लगातार उतार पर है। बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 12 सेमी कम होकर 159.39 मीटर हो गया है। इस तरह बीते पांच दिन में रामगंगा 36 सेमी कम हुई है, लेकिन बीते रविवार को नदी के जलस्तर में हुई 60 सेमी की वृद्धि के कारण रामगंगा दोनों किनारों पर फैलाव लेने के साथ उपजाऊ जमीनें काट रही है।
भूमि कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अभियंता करीब एक हजार बोरियों में रेत भराकर उन्हें कटान वाले ठिकानों पर लगाने की तैयारी कर रहे हैं। पानी के तेज बहाव के कारण अब तक कटान वाले गड्ढों में एक भी बोरी नहीं लगाई जा सकी है। परौर के मोहल्ला बाजार समेत नारायणनगर पश्चिमी, मोहनपुर, बिचपुरी आदि गांवों के किसानों का कहना है कि कटान नहीं थमा तो वह भूमिहीन हो जाएंगे। इन गांवों के सत्यपाल सिंह, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, बृजपाल सिंह, धर्मेंद्र कश्यप आदि ने गांवों की ओर बढ़ रही नदी की धारा मोड़े जाने की जरूरत बताई है। संवाद
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बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की बात
चार दिन से गांव बाढ़ के पानी से चौतरफा घिरा है। सोमवार से घरों में पानी भर रहा है। गांव से निकलने की कोई व्यवस्था नहीं होने से गांव के अंदर ही एक ऊंचे स्थान पर शरण लेनी पड़ी है।
-मोहम्मद रफी, आजादनगर
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मसजिद नगला और इस्लामनगर के बीच पुलिया बाढ़ के पानी में बह गई है। इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी, चितार गांव के खेतों में तैयार मक्का की फसल डूबकर खराब हो गई है।
-रामशंकर दीक्षित, कटैया नगला (ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी)
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बाढ़ के गंदे पानी में रहने और जलमग्न हेंडपंपों का पीने से जुकाम, खांसी, बुखार के अलावा चर्मरोग बढ़ गए हैं, लेकिन अब तक दवा-पानी की व्यवस्था नहीं की गई है।
-फारुक अली, प्रधानपति, पैलानी उत्तरी
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बाढ़ से घिरे गांव दिन छिपते ही अंधेरे से घिर जाते हैं क्योंकि बिजली आपूर्ति ठप है। घरों में रोशनी के लिए लायी गयीं मोमबत्ती भी खत्म हो गईं हैं। केरोसिन भी नहीं मिल रहा है।
-रिजवान अहमद, इस्लामनगर
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गंगा की बाढ़ से घिरे गांव आजादनगर के बाशिंदों को उनकी मांग पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एक नाव की व्यवस्था करा दी गई है। बाढ़ से स्थिति अभी बहुत ज्यादा नहीं बिगड़ी है। रोशनी के लिए केरोसिन की भी व्यवस्था की जाएगी। क्षेत्रीय लेखपालों को बाढ़ चौकियों पर बने रहकर नदियों के जलस्तर और ग्रामीणों की जरूरतों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-रमेश बाबू, एसडीएम कलान
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दो दिन पहले मैंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया था। गंगा में पानी बढ़ा चल रहा है, लेकिन आज से नरौरा बैराज से पानी की निकासी कम हो जाने से बुधवार से गंगा के जलस्तर में कमी आने की संभावना है। फिलहाल गंगा की बाढ़ से भैंसार बांध पूरी तरह सुरक्षित है। मिर्जापुर क्षेत्र के कुछ गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंचा, लेकिन वहां का आबादी क्षेत्र बाढ़ से सुरक्षित है। रामगंगा उतार पर होने के कारण कटान हो रहा है, लेकिन उसे रोकने के लिए ठोस फौरी विकल्प के तौर पर कटान वाले हिस्सों मेें बालू की बोरियां लगाई जा रही हैं।
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-सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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