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Shahjahanpur News: तिलहर-जलालाबाद के 25 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

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तिलहर क्षेत्र के टापू वाले गांव धीमर गौहटिया में छतों पर बैठे लोग। स्रोत: जागरुक पाठक
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तिलहर। तिलहर तहसील में बृहस्पतिवार को बाढ़ के हालात बद से बदतर हो गए। गर्रा, कठिना, बहगुल और रामगंगा नदियों का पानी गांवों में घुस गया। बाढ़ से तहसील के लगभग तीन दर्जन गांव प्रभावित हैं। डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में पानी घुसा हुआ है।
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टापू बने गांव धीमर गौहटिया और ढकिया रघा में ग्रामीण दो दिन से छतों पर बैठे हुए हैं। उन्हें कोई भी राहत सामग्री नहीं पहुंची है। गर्रा, कठिना और बहगुल नदी से तिलहर ब्लाॅक के गांव ढकियारघा, धीमर गौहटिया, बिरसिंहपुर, हजरतपुर, प्रहलाद विट्ठलपुर, अजमाबाद, बिहारीपुर, चितीलोदी उर्फ घनश्यामपुर, रटा, रटा बरहा मोहब्बतपुर, विक्रमपुर चकोरा, जिकरीपुर प्रभावित हैं।
ब्लॉक खुदागंज क्षेत्र के गांव गाजीपुर, म्यूना, मुंडी, बमियाना, हरबंशपुर, रहीमपुर, भूल खेड़ा, गौरीखेड़ा, इटौआ, जैतीपुर ब्लॉक के गांव बस्तीनगला, खूबपुर, घसाकल्याणपुर, मडई, रपड़िया नवादा, कल्याणनगला गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। तहसीलदार जयप्रकाश यादव और नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी ने बताया कि रामगंगा का जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों के अंदर पानी भर जाएगा।
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कठिना नदी गांव प्रहलादपुर से पश्चिम आकर गर्रा नदी में गांव रटा के पुल के पास मिल जाती है। निगोही-तिलहर मार्ग पर लगभग तीन फुट से ऊपर पानी बह रहा है।
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राहत सामग्री ऊंट के मुंह में जीरा


प्रशासन का दावा है कि क्षेत्र में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। शाम तक रटा गांव में ही राहत सामग्री पहुंची थी। टापू बने गांव में ग्रामीण छतों पर हैं। उन्हें दो दिन बाद भी राहत सामग्री नहीं मिली है। नाव की समुचित व्यवस्था न होने से लोग पानी में फंसे हुए हैं। जानवरों के चारे की समस्या विकराल हो गई है। पानी घुसने से भूसा बह गया है। सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न होने से चारा नहीं मिल पा रहा है। एसडीएम अंजली गंगवार ने बताया कि फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।
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तीन दिन बाद विधायक पहुंचीं लेकिन राहत सामग्री नहीं आई
तीन दिन बाद विधायक सलोना कुशवाहा गांव बिरसिंहपुर के पास पहुंची। वह कुछ बाढ़ पीड़ितों से मिलीं और सहायता का आश्वासन देकर लौट गईं। हालांकि अब तक ग्रामीणों को कोई राहत सामग्री नहीं मिल पाई है। बृहस्पतिवार को सांसद अरुण सागर विक्रमपुर चकोरा गांव पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को राहत सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। विधायक सलोना कुशवाहा ने गांव बिरसिंहपुर क्षेत्र में डंडिया गांव के समीप कबीर चक मोड़ पर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

बाढ़ में फंसे दो लोगों को निकाला
खुदागंज। खुदागंज निवासी राजकुमार मिश्रा का खेत ग्राम भुंडी में है। वह अपने साथ ऋषि कुमार को लेकर मंगलवार को खेत में धान की रोपाई करने गए थे। रात में वहीं रुक गए। सुबह जब उठे तो चारों तरफ बाढ़ का पानी आ चुका था। बुधवार रात में उनके बेटे द्वारा तहसीलदार जयप्रकाश यादव एवं थाना प्रभारी खुदागंज को सूचना दी गई। तहसीलदार जयप्रकाश यादव ने बृहस्पतिवार सुबह स्टीमर दोनों लोगों को बाहर निकाला। संवाद
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जलालाबाद में मंडरा रहा बड़ा खतरा

जलालाबाद। रामगंगा और बहगुल नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से तटवर्ती करीब दो दर्जन से ज्यादा गांवों में बाढ़ आने का खतरा मंडराने लगा है। पानी के तेज बहाव से कसारी व तिकोला के पास रास्ते कट जाने तथा अन्य गांवों में लोगों को आवागमन की दिक्कत है। रामगंगा और बहगुल नदियों के किनारे संगाहे, कुंडरा पहाड़पुर, उइला, हिलगी, पिपरिया तथा चितरऊ आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके है। अल्हागंज के चंपतपुर, रघुनाथपुर, दहेना, मनिहार, रत्नापुर तथा मिघौल के अलावा रामगंगा के तटवर्ती अन्य गांवों तक बाढ़ के पानी ने दस्तक दे दी है। थाथरमई गांव के दीपक, शंभू, महीपाल आदि ने बताया कि दो दिनों से नदियों का पानी लगातार बढ़ने से जल्द ही उसके बस्ती तक पहुंच जाने का खतरा बढ़ गया है। एसडीएम रविंद्र कुमार, तहसीलदार पैगाम हैदर ने बाढ़ की आशंका के चलते कई गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने बताया कि आवागमन दिक्कत न हो इसके लिए कसारी, निजामपुर नगरिया, जेरारहीमपुर, बांसखेड़ा तथा तिकोला दुलरामई गांवों में ग्रामीणों को नाव उपलब्ध कराई है।

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सुरजूपुर में सड़क के ऊपर से बहने लगा पानी
जैतीपुर। बहगुल की बाढ़ से सुरजूपुर गांव में पानी बहकर फतेहगंज पूर्वी जाने वाली सड़क पर बहने लगा है। मगनपुर गांव में कुछ हिस्से में बहगुल का पानी आ गया है। बेसरा, बकैनिया, गौहावर, भुडिया, अवा आदि बहगुल किनारे बसे गांवों के खेतों में पानी भर गया है। संवाद


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गांवों के संपर्क मार्ग पर भरा पानी
निगोही। क्षेत्र के तालगांव, ऊनकलां, धुल्लिया, चमरूआ, कुकाहा महमूदपुर, बाबूपुर गौटिया, जहानपुर, चाकुलिया रणधीरपुर, जहानपुर, रटी, रटा, विक्रपुर चकौरा, अंदखेड़ा, भर्री बसंतपुर आदि दर्जनों गांवों को पानी ने घेर लिया है। आने-जाने के रास्ते भी बंद हो गए हैं। प्रशासन की तरफ से कुछ ही गांव में राजस्व टीम खाने के पैकेट, बिस्कुट और दवाइयां लेकर पहुंचीं। घरों में पानी भरा होने के कारण खाना बनाने में बहुत समस्या हो रही है। स्वच्छ जल की भी समस्या सामने आ रही है। मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। संवाद
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परौर में रामगंगा उफान पर
परौर। रामगंगा के तटीय ग्राम परौर मजरा नारायन नगर मंझा मोहनपुर बाजार को कटान के साथ-साथ बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नारायन नगर व मोहनपुर के पास आंशिक कटान भी हो रहा है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सहदीप कुमार के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित नरायननगर में पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. अमित कुमार व सहायक सत्येंद्र ने पशु रोगों से संबंधित दवा का वितरण किया। संवाद

बाढ़ में फंसे लोगों को निकाला
सेहरामऊ दक्षिणी। तहसील सदर क्षेत्र के विकास खंड भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत कुतुआपुर के मजरा गौंटिया में गर्रा नदी की बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम तहसीलदार सदर अरुण सोनकर की अगुवाई में पहुंची। थाना प्रभारी रोहित कुमार के साथ राजस्व टीम ने मदद की। कई परिवारों को बाढ़ से निकाला गया। गांव में हेल्थ कैंप भी लगाया गया। संवाद

तिलहर क्षेत्र के टापू वाले गांव धीमर गौहटिया में छतों पर बैठे लोग। स्रोत: जागरुक पाठक

तिलहर क्षेत्र के टापू वाले गांव धीमर गौहटिया में छतों पर बैठे लोग। स्रोत: जागरुक पाठक

तिलहर क्षेत्र के टापू वाले गांव धीमर गौहटिया में छतों पर बैठे लोग। स्रोत: जागरुक पाठक

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