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Shahjahanpur News: जलालाबाद से अल्हागंज तक बाढ़ ने दिखाया रौद्र रूप

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जलालाबाद के तिकोला पुल के आगे रास्ता रोकने को पुलिस की ओर लगाए गए बैरियर से आगे तक पहुंचा पानी।
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शाहजहांपुर। दो दिन से बारिश रुकी होने के बावजूद जलालाबाद और कलान तहसीलों में बाढ़ का प्रकोप कम नहीं हो रहा। कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर सोमवार को स्थिर रहा, लेकिन जलालाबाद से लेकर अल्हागंज तक रामगंगा में उफान बढ़ने से आसपास के करीब तीन दर्जन गांव बाढ़ से घिरे रहे। डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर हो जाने से करीब एक दर्जन तटीय गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में पानी की निकासी घटकर करीब 1.28 लाख क्यूसेक हो गई है। इस वजह से कलान के भैंसार बांध पर रात में गंगा का जलस्तर तीन सेमी घट गया है। रामगंगा में भी कई बांधों-बैराजों से निकल रहे पानी की मात्रा कम हो गई है, लेकिन बरेली और बदायूं से सिमटकर सारा पानी यहां आने से जलालाबाद से अल्हागंज तक नदी में उफान आ गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बरेली के चौबारी में रामगंगा पांच सेमी कम हुई है, लेकिन जनपद में फर्रुखाबाद की सीमा पर स्थित डबरी घाट पर बीते 24 घंटे में जलस्तर एक सेमी बढ़ गया है। वहां रामगंगा खतरे के निशान 137.30 मीटर के मुकाबले 137.59 मीटरगेज पर बह रही है।
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बताया गया कि शहर के पास गर्रा खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे 147.70 मीटरगेज पर और खन्नौत 144.05 मीटरगेज पर स्थिर है। बीते 24 घंटों की तुलना में गर्रा में 50 सेमी पानी बढ़ने से शहर के तटीय मोहल्लों और काॅलोनियों के लोग परेशान हैं।


लोगों ने की स्थायी समाधान करने की मांग
शाहजहांपुर। बरेली मोड़ इलाके में स्थित आवास एवं विकास परिषद कॉलोनी, कांशीराम काॅलोनी, अजीजगंज, नवादा इंदेपुर, वृंदावन गार्डन, साउथ सिटी के लोगों ने बाढ़ से बचाव के स्थायी समाधान की मांग की है। पार्षद सिद्धार्थ शुक्ला ने बताया कि बाढ़ से निपटने के हर बिंदु पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए स्थायी समाधान इस बार अवश्य कराया जाएगा। संवाद

बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो
पिछले साल आई बाढ़ के चलते घर में करीब तीन फुट पानी भरने से करीब दो लाख रुपये का सामान खराब हो गया था। इस बार भी नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा मंडरा रहा है।
- विमला देवी, आवास विकास कॉलोनी
पिछली साल आई बाढ़ ने गहरे जख्म दिए हैं। अचानक घरों में पानी घुस जाने से गृहस्थी तो बर्बाद हुई ही, साथ ही जानमाल का खतरा भी मंडराने लगा था। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए।
- मनोज कुमार वर्मा, न्यू काॅलोनी

हर साल यदि इसी प्रकार बाढ़ आई तो मकानों की नींव कमजोर हो जाएंगी। ऐसे में मकानों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। प्रशासन को इस संबंध में ठोस कदम उठाने चाहिए।
- अहिबरन सिंह, आवास विकास कॉलोनी

शहर की काॅलोनियों में बाढ़ की रोकथाम के लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए। अन्यथा की स्थिति में जीना मुहाल हो जाएगा।
- सविता, कांशीराम कॉलोनी

पिछले साल आई बाढ़ की क्षतिपूर्ति अब तक हो नहीं पाई, इस साल फिर बाढ़ का खतरा डर पैदा कर रहा है। जैसे-तैसे मेहनत कर गृहस्थी बनाई, एक झटके में बर्बाद होने का डर सिहरन पैदा कर रहा है।
- संजय सक्सेना, कांशीराम कॉलोनी

तिकोला पुल के पास बाढ़ से घिर गया पुलिस का बैरियर
जलालाबाद। रामगंगा व बहगुल के तटीय इलाकों में बाढ़ का प्रकोप सोमवार को बढ़ गया। हालांकि, पानी बढ़ने की गति धीमी है, लेकिन दो दिन से लगातार पानी बढ़ने से हालात पहले जैसे बन गए हैं और लोगों की दिनचर्या मुश्किल भरी हो गई है। प्रभावित गांवों के ज्यादातर खेत फिर जलमग्न हो गए हैं और अब पानी के गांवों के अंदर घुसने का खतरा बढ़ गया है। तिकोला पुल की एप्रोच रोड और उसके आगे बनी पुलिया के बीच करीब सौ मीटर के दायरे में पानी सड़क के ऊपर पहले की तरह ही तेजी से बहने लगा है। वहां आवागमन रोकने के लिए लगाए गए पुलिस के बैरियर भी बाढ़ से घिर गए हैं। संगहा गांव के पूर्व प्रधान गुड्डू वर्मा, इसी गांव के चंद्रसेन, थाथरमई के महिपाल, वीरेश आदि ने बताया कि शनिवार दोपहर से पानी लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार मौजूदा जलस्तर पहले से ज्यादा हो चुका है और पानी बढ़ता रहा तो मंगलवार तक हालात काफी खराब हो जाएंगे। संवाद
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डबरी घाट के तटीय गांव बाढ़ से घिरे, तमाम फसलें जलमग्न
अल्हागंज। रामगंगा का जलस्तर रविवार रात से फिर बढ़ने लगा है। भरतौली और रमापुर बझेड़ा में सोमवार को बाढ़ गांव के संपर्क मार्गों तक पहुंच गई। हालांकि, अभी घरों तक पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन ग्रामीण अपना जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। रामगंगा के किनारे बसे गोरा महुआ गाड, दहेना, सुगसुगी, साईंपुर, चौरसिया, रामपुर, वजीरपुर बंजर और बानपुर गांव के खेत भी पानी मे डूब जाने से किसान परेशान हैं। यदि जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही, तो बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या दो दर्जन पार कर जाएगी। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई मदद नहीं मिली है। संवाद
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रामगंगा में पानी बढ़ गया है। इसे देखते हुए बाढ़ राहत चौकियों के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दो दिन से रामगंगा में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की सूचना नही है। इसलिए अनुमान है कि मंगलवार से पानी कम होना शुरू हो जाएगा।
-अनुराग दुबे, प्रभारी तहसीलदार, जलालाबाद

जलालाबाद के तिकोला पुल के आगे रास्ता रोकने को पुलिस की ओर लगाए गए बैरियर से आगे तक पहुंचा पानी।

जलालाबाद के तिकोला पुल के आगे रास्ता रोकने को पुलिस की ओर लगाए गए बैरियर से आगे तक पहुंचा पानी।

जलालाबाद के तिकोला पुल के आगे रास्ता रोकने को पुलिस की ओर लगाए गए बैरियर से आगे तक पहुंचा पानी।

जलालाबाद के तिकोला पुल के आगे रास्ता रोकने को पुलिस की ओर लगाए गए बैरियर से आगे तक पहुंचा पानी।

जलालाबाद के तिकोला पुल के आगे रास्ता रोकने को पुलिस की ओर लगाए गए बैरियर से आगे तक पहुंचा पानी।

जलालाबाद के तिकोला पुल के आगे रास्ता रोकने को पुलिस की ओर लगाए गए बैरियर से आगे तक पहुंचा पानी।

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