शाहजहांपुर/ मिर्जापुर। बारिश और पश्चिमी यूपी के बैराजों से अतिरिक्त पानी की भारी मात्रा में निकासी से सोमवार को कलान और जलालाबाद तहसीलों में गंगा के साथ रामगंगा और अन्य सहायक नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया। मिर्जापुर क्षेत्र मेें गंगा के तटवर्ती पंखिया नगला, इस्लामनगर आदि कई गांवों में पानी संपर्क मार्गों से लेकर गांव के अंदर घुस गया। कई ग्रामीणों के मकानों और झोंपड़ियों में पानी भर जाने से उनको ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है। अभी तक प्रशासन ने बाढ़ राहत और बचाव के कार्य शुरू नहीं किए हैं।
नरौरा बैराज से गत दो दिन लगातार रिलीज हुआ 1.83 लाख क्यूसेक पानी रविवार रात यहां पहुंचा तो मिर्जापुर से लेकर कलान के भैंसार बांध तक पहले से उफनाई गंगा बेकाबू होने लगी। मिर्जापुर क्षेत्र के कई गांवों तक बाढ़ ने दस्तक दे दी है। सिंचाई विभाग के सूत्रों का कहना है कि नरौरा से कछला घाट (बदायूं) होकर यहां तक पानी पहुंचने में 36 से 48 घंटे लगते हैं। चूंकि, सोमवार को नरौरा बैराज से 147569 क्यूसेक पानी रिलीज हुआ है, इसलिए अगले दो दिन तक गंगा का जलस्तर बढ़ता रहेगा। आने वाले दिनों मेें गंगा के तटवर्ती गांवों के लोगों की बाढ़ से मुश्किलें और बढ़ेंगी।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि कलान के भैंसार बांध पर बीते 24 घंटे के दौरान गंगा का जलस्तर आठ सेमी बढ़कर 143.53 मीटर पर पहुंच गया है। इस तरह बीते दो दिन में गंगा का जलस्तर 18 सेमी बढ़ चुका है। उधर, चौबारी (बरेली) से परौर और अल्हागंज क्षेत्र में जनपद के सीमावर्ती गांव मऊ शाहजहांपुर तक रामगंगा फैलाव ले रही है। रामगंगा बीते दिन की तुलना में पांच सेमी बढ़कर 159.65 मीटर पर बह रही है। बताया गया कि पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के अन्य बैराजों (कालागढ़, रामनगर, खो, हरेली, किच्छा) से रामगंगा में रिलीज पानी की मात्रा 60 फीसदी बढ़कर 21921 क्यूसेक हो गई है और इसे देखते अगले 24 घंटे तक जल स्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान है।
कई गांव बने टापू, भूख-प्यास से बिलबिला रहे बच्चे
मिर्जापुर। गंगा की बाढ़ से जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग और चौंरा-बसोला मार्ग पर लगभग तीन फुट पानी बह रहा है। इससे ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के मजरों में पहुंचना कठिन हो गया है। पैलानी उत्तरी का मजरा आजाद नगर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। ग्राम इस्लामनगर और मस्जिद नगला में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। आजाद नगर के घरों तथा रास्ते में पानी भर जाने से ग्रामीण खासे परेशान हैं। कई ग्रामीणों ने चौंरा-बसोला मार्ग के ऊंचाई वाले ठिकानों पर खुले आसमान के नीचे बसेरा डाल दिया है ओर उनके बच्चे भूख-प्यास से बिलबिला रहे हैं। इन गांवों से बमुश्किल 100 मीटर दूर फर्रुखाबाद जिले के ग्राम चितार और कमथरी भी चारों ओर पानी से घिर गए हैं। इन गांवों को जाने वाला पक्का मार्ग भी बाढ़ से कट रहा है।
बाढ़ प्रभावित गांवों तक नहीं पहुंच सके अफसर
मिर्जापुर। बाढ़ के हालातों का जायजा लेने के लिए सोमवार सुबह एसडीएम रमेशबाबू और तहसीलदार प्रभाकर त्रिपाठी ने प्रभावित गांवों की ओर रुख किया, लेकिन रोड पर पानी भरा होने के कारण अधिकारी आजाद नगर नहीं पहुंच सके। राजस्व निरीक्षक परशुराम शुक्ला और लेखपाल नरेशचंद्र भी प्रभावित गांवों से तीन किमी दूर फर्रुखाबाद जिले के ग्राम चौंरा में बैठकर बाढ़ का जायजा लेते रहे।
1.40 मीटर उफनाई गर्रा, खन्नौत में बहाव स्थिर
शहर के समीप बहने वाली रामगंगा की सहायक नदी गर्रा में पीलीभीत के ड्यूनी डाम से रिलीज पानी की मात्रा बढ़ने के साथ गर्रा फिर उफान पर है। एक दिन पहले तक गर्रा का बहाव 145.25 मीटर पर था, लेकिन सोमवार को नदी का जलस्तर बढ़कर 146.65 मीटर पर पहुंच गया। 24 घंटे के दौरान नदी के जलस्तर मेें हुई 1.40 मीटर की वृद्धि से नदी के किनारे स्थित सदर तहसील के कई गांवों के ग्रामीण बाढ़ से घिरने को लेकर भयभीत हैं। यह अलग बात है कि गर्रा किनारे के अधिकांश गांव ऊंचाई पर होने के कारण अभी गांवों के अंदर आबादी क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचना के अनुसार सोमवार को ड्यूनी डाम से रिलीज पानी की मात्रा घटकर 4851 क्यूसेक रह गई और इसे देखते मंगलवार तक गर्रा में उफान कम हो सकता है। उधर, खन्नौत में बीते 24 घंटे से जल स्तर 143.80 मीटर पर स्थिर है क्योंकि क्षेत्र में दो दिन से भारी वर्षा नहीं हुई है।
बाढ़ पीड़ितों का दर्द: उन्हीं की जुबानी
बाढ़ का पानी चार दिन से तमाम घरों में भरा हुआ है। बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। अभी तक किसी अधिकारी ने गांव तक पहुंचने की जरूरत नहीं समझी है।
- नाजिर मियां, आजादनगर
राजस्व निरीक्षक और लेखपाल रोड पर बैठकर गांव वालों से मोबाइल पर फोटो मांग रहे हैं, लेकिन मदद के लिए गांव में आने को तैयार नहीं हैं। गांव के तमाम घरों में दूध और खान-पान की चीजें खत्म हो गई हैं।
- मो. साबिर, आजादनगर
बाढ़ से घिर चुके आजादनगर जाने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है। एसडीएम से निजी व्यय से जेसीबी से रास्ता बनाने और बसोला मार्ग पर ग्राम समाज की जमीन पर बाढ़ पीड़ितों को बसाने की अनुमति नहीं मिली।
- रिजवान अहमद, ग्राम प्रधान, पैलानी उत्तरी
जब से बाढ़ आई है, गांव के तमाम लोग भूखे-प्यासे हैं। प्रशासन स्तर से खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अधिकारी रोड के किनारे रहने को पन्नी और भोजन की व्यवस्था कर दें तो राहत मिल जाएगी।
- ताज मोहम्मद, आजादनगर
गंगा, रामगंगा में पानी बढ़ने की सूचना मिली है। कलान के एसडीएम को प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर राहत और बचाव अभियान शुरू करने को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जो गांव पानी से घिर रहे हैं, वहां रसद, चना, पशु चारा, दवाएं आदि भेजने की व्यवस्था जल्द कराई जाएगी। पर्याप्त नावें उपलब्ध हैं, लेकिन अभी उन्हें चलाने की आवश्यकता नहीं है।
- गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी आपदा राहत प्रकोष्ठ