शाहजहांपुर। रोजा की दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी में चार साल के मासूम फतेह को जहर देने के बाद हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर व उनकी पत्नी शिवांगी ग्रोवर के फंदे से लटकने के मामले में आरोपी विक्की बग्गा पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। एसओजी समेत पांच टीमें तलाश में लगी होने के बावजूद आरोपी पकड़ से दूर है। वहीं, दूसरे मामले में सूदखोरी के आरोपी पार्षद को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
घटना 27 अगस्त को हुई थी। मामले में शिवांगी की मां संध्या मिश्रा ने रामनगर कॉलोनी निवासी शैंकी आनंद, विक्की बग्गा व चौक निवासी देवांग खन्ना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रोजा पुलिस ने आरोपी शैंकी आनंद को जेल भेज दिया। देवांग खन्ना की नामजदगी को लेकर परिजनों ने यू-टर्न ले लिया।
पुलिस ने विक्की बग्गा की तलाश के लिए पांच टीमों को लगा रखा है। कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस उसके नजदीक नहीं पहुंच सकी है। बताते हैं कि बग्गा गिरफ्तारी से बचने के लिए स्टे की जुगत में लगा है। बग्गा की राजनीतिक पार्टियों में काफी पैठ है। ऐसे में पुलिस उसके नजदीक नहीं पहुंच पा रही है। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया कि आरोपी की तलाश में टीमें लगी हैं।
वार्ड बॉय शबाब गिरफ्तार
सूदखोरों से तंग आकर जहर खाकर जान देने की कोशिश करने वाले डेयरी संचालक आलम के रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के वार्ड बॉय शबाब को गिरफ्तार कर लिया था। कोतवाली से कुछ दूरी पर रहने वाले पार्षद प्रदीप सक्सेना तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है।
डेयरी संचालक की पत्नी अजरा बानो ने मोहल्ला मंडी निवासी भाजपा पार्षद प्रदीप सक्सेना समेत सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस मात्र एक आरोपी शबाब को गिरफ्तार कर पाई है। शेष आरोपियों पर पुलिस मेहरबानी बनाए हुए हैं। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।