शाहजहांपुर। जिले में इन दिनों मलेरिया रोधी महीना चल रहा है। इसके बाद भी मच्छरों से निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। बेतहाशा बढ़ी मच्छरों की तादाद से मलेरिया तेजी से बढ़ रहा है। एक से 11 जून तक चले स्क्रीनिंग अभियान में पांच मलेरिया के रोगी मिल चुके हैं, लेकिन फॉगिंग सिर्फ कागजों पर हो रही है।
मच्छरों के प्रकोप के कारण लोगों की नींद उड़ी हुई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों से निजात दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर फॉगिंग अभियान चलाने को कदम नहीं उठाया गया। फॉगिंग की मशीनें सिर्फ मुख्य सड़कों तक ही सीमित होकर रह गई। गली-मोहल्लों तक मशीनें नहीं पहुंची, जिसके चलते मच्छर लोगों के लिए मुसीबत बन गए। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने जून महीने में मलेरिया रोधी अभियान शुरू किया। पहले चरण में एक से 11 जून तक स्क्रीनिंग करने के लिए आशाओं को लगाया गया। आशाओं ने घर-घर जाकर कुंडी खटकाकर 5501 मरीजों की स्क्रीनिंग की। इसके बाद मलेरिया के पांच रोगी मिले हैं।
15 ब्लॉकों में 11 दिन तक चलाया अभियान
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जून से 11 जून तक चले अभियान में 550 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें मलेरिया के पांच रोगी मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. लईक अहमद ने बताया कि 15 ब्लॉक में 11 दिन तक अभियान चलाया गया। लक्षण पाए जाने पर जैतीपुर में 242, खुदागंज में 189, तिलहर में 115, निगोही में 173, सिंधौली में 220, पुवायां में 119, बंडा में 400, खुटार में 156, जलालाबाद में 336, मिजा्रपुर में 295, कलान में 340, कांट में 1127, ददरौल में 404, भावलखेड़ा में 459 व मदनापुर में 926 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। अब घर-घर जाकर मलेरिया की जांच की जाएगी।
ये करें उपाय
-मच्छर के प्रजनन स्थल के लिए घर के आसपास पानी का ठहराव न होने दें।
-जल पात्रों को खाली रखें, कूलर, पानी के टैंक, पशु-पक्षियों के पीने के पात्र खाली कर दें।
-नारियल के खोल, प्लास्टिक के कप, बोतल व निष्प्रयोज्य सामग्री को नष्ट कर दें।
-रात में सोते समय मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी को लगाना चाहिए।
मलेरिया के लक्षण
-सर्दी लगकर तेज बुखार आना।
-तेज कंपकपी भी होती है।
-सिर दर्द, शरीर दर्द, उल्टी भी आती है।
-तेज बुखार होना।
-पसीना आकर बुखार कम होना व कमजोरी महसूस करना
तीन से पांच दिन का उपचार
मलेरिया जैसे रोग से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करें। लक्षण लगने पर तुरंत ही खून की जांच कराएं। मलेरिया का उपचार तीन से पांच दिन का होता है। उल्टी होने पर इंजेक्शन लगाने पर राहत मिल जाती है। -डॉ. रिषभ नायक, फिजिशियन, राजकीय मेडिकल कॉलेज
स्क्रीनिंग अभियान चलाया
मलेरिया की आशंका को देखते हुए स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। स्क्रीनिंग में पांच रोगी मिले हैं। उनके पूरे परिवार की नमूना लेकर जांच कराई गई। मलेरिया से निपटने के लिए नगर निगम और नगर निकाय द्वारा छिड़काव भी कराया जा रहा है। - डॉ. लईक अहमद, जिला मलेरिया अधिकारी