पुवायां में मक्का की जांच करते एएमओ। संवाद
पुवायां। सरकारी खरीद केंद्र पर मक्का नहीं तौले जाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं और किसानों के धरना प्रदर्शन करने और पुतला दहन की चेतावनी के बाद मक्का को रिजेक्ट घोषित कर दिया गया और रजिस्टर पर एंट्री भी कर दी गई, लेकिन बाद में रिजेक्ट मक्का तौल लिया गया। इसको लेकर किसान नेता नाराजगी जता रहे हैं। सवाल उठा रहे हैं कि क्या धरना-प्रदर्शन के बाद ही तौल की जाएगी।
गांव दिउरिया गुटैया के कश्मीर सिंह चार दिन पहले ट्राॅली भर मक्का लेकर मंडी में आरएफसी प्रथम केंद्र पर आए थे। कश्मीर सिंह के अनुसार, उनसे 1850 रुपये प्रति क्विंटल मक्का बेचने को कहा गया था, जबकि सरकारी रेट 2400 रुपये है। मना करने पर क्वालिटी ठीक न होने के कारण तौल से मना कर दिया गया था। 17 जुलाई की शाम भाकियू टिकैत गुट के तराई क्षेत्र उपाध्यक्ष सुखदेव सिंह खिंडा, तरविंदर सिंह मोमी पुवायां आए और जिलाध्यक्ष अनिल सिंह यादव के साथ केंद्र पर पहुंचे, लेकिन केंद्र प्रभारी नहीं मिली थीं। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र पर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रतीकात्मक रूप से मक्का जलाया था और धरने पर बैठ गए थे।
शनिवार को किसान नेताओं ने धरना स्थल पर जमकर नारेबाजी की और दहन करने के लिए पुतला भी तैयार कर लिया। जानकारी पाकर कई एएमओ और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। एएमओ ने मक्के की जांच की और रिजेक्ट घोषित कर रजिस्टर पर चढ़ा दिया। इस पर किसान नेताओं ने फिर से नारेबाजी करते हुए पुतला दहन की चेतावनी दी। कुछ देर बाद मक्के को केंद्र पर उतरवा कर तौल शुरू करा दी गई। इसके बाद किसान नेता मौके से चले गए। जिलाध्यक्ष अनिल सिंह यादव ने कहा कि तौल होना साबित करता है कि मक्का सही था। अच्छे मक्के को रिजेक्ट करने वालों और चार दिन तक तौल नहीं करने वालों पर जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। संवाद
अभी मैं सरकारी कार्य से लखनऊ में हूं। मुझे किसानों के माध्यम से जानकारी मिली थी। अधिकारियों की टीम भेजी है, जो समस्या का निस्तारण कराएंगी।
- राकेश मोहन पांडेय, डिप्टी आरएमओ