कलान के रहीमादासपुर में पल्स पोलियो अभियान का बहिष्कार करने के दौरान एकत्रित लोग। स्रोत: ग्रा
कलान। गांव बेहटा जंगल के मजरा रहीमादासपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को पल्स पोलियो अभियान का बहिष्कार कर दिया। वे गांव तक सड़क व सोत नदी पर पुल बनवाने की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों के मनौव्वल करने के बाद भी ग्रामीण राजी नहीं हुए। इस वजह से अफसरों व स्वास्थ्य विभाग की टीम को लौटना पड़ा।
कलान ब्लाॅक के मजरे को बेहटा जंगल ग्राम पंचायत से जोड़ने के लिए सड़क नहीं है। सोत नदी पर पुल नहीं होने से बरसात में गांव चारों तरफ से पानी से घिर जाता है। ऐसे में ब्लॉक व तहसील मुख्यालय को जाने के लिए गहरे पानी से होकर जाना पड़ता है। मंगलवार को पल्स पोलियो अभियान के तहत गांव में बच्चों को दवा पिलाने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने दवा पिलाने से मना कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। बुधवार को एसडीएम चित्रा निर्वाल, तहसीलदार मोहम्मद अजहर अंसारी, एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव आदि ने पहुंचकर लोगों को मनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण राजी नहीं हुए। ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव से मुस्तफानगर, मुड़िया खेड़ा, एत्मादपुर, भौंरा नगला समेत दर्जन भर गांवों के लोगाें का आवागमन होता है।
ग्रामीण बोले-हर बार मिला आश्वासन
-रहीमादासपुर गांव के लिए सड़क व पुल का निर्माण नहीं होने से गांव का विकास अधूरा है। गांव की आबादी करीब एक हजार है। इस बीच सीडीओ ने कॉल पर बात कर मनाने का प्रयास किया। वह भी सफल नहीं हो सका। गांव के कुंवर पाल ने बताया कि 2019 में पोलियो कार्यक्रम का बहिष्कार कर चुके हैं। तब भी आश्वासन मिला था। ग्रामीण डीएम व सीडीओ को बुलाने की मांग पर अड़े हैं।
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-पल्स पोलियो अभियान का बहिष्कार करने वालों को समझाने का प्रयास किया गया है। जल्द गांव में जाकर वार्ता करेंगे। उनकी समस्याओं का समाधान कराकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का कार्य होगा।
- डॉ. अपराजिता सिंह, सीडीओ