विकास भवन के कार्यालयों को बिजली सप्लाई देने वाले मेन केबिल में शुक्रवार को दोेपहर शार्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। तेज आवाज के साथ केबिल जलने के साथ धुआं फैलने से विकास भवन समेत कलक्ट्रेट कैंपस मेें अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। कर्मचारी दफ्तरों से बाहर निकल आए और मौके पर तमाशबीनों की भीड़ लग गई। करीब 20 मिनट केबिल धू-धूकर जलता रहा। आग पॉवर रूम तक पहुंचने से पहले पॉवर सब स्टेशन से बिजली लाइन बंद कर दी गई, वरना दफ्तरों और उनमें रखे रिकार्ड को बचाना कठिन हो जाता।
विकास भवन के भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल पर स्थित करीब दो दर्जन से अधिक सरकारी कार्यालयों को बिजली सप्लाई देने के लिए मुख्य भवन के पूर्वी गेट के पास भूतल पर स्थित कक्ष को पॉवर कंट्रोल रूम बनाकर वहां बिजली के पैनल और फ्यूज लगाए गए हैं। इसी पॉवर रूम से वहां के विभिन्न कार्यालयों को बिजली सप्लाई के कनेक्शन देने को केबिल डाले गए हैं। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे विकास भवन के कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों पर जमे सरकारी कामकाज करने में तल्लीन थे।
इसी दौरान एलटी लाइन के पोल से पॉवर कंट्रोल रूम को बिजली फीड करने वाले मेन केबिल में अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई। पटाखे जैसी तेज आवाज के साथ जलता हुआ केबिल गाढ़ा धुआं छोड़ने लगा। इससे विकास भवन के कार्यालयों में नीचे से ऊपर तक अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। कर्मचारी सुरक्षित स्थानों की तलाश को अपनी सीटें छोड़कर दफ्तरों से निकल भागे। मुकदमे की तारीख पर आए वादकारियों समेत कलक्ट्रेट पहुंचे अन्य फरियादियों का मौके पर जमावड़ा लग गया।
इस बीच, बहादुरगंज पॉवर सब स्टेशन के प्रभारी जेई शैलेंद्र पांडेय ने विकास भवन से फोन पर सूचना मिलते ही विकास भवन के बाहर रखे ट्रांसफार्मर की बिजली लाइन बंद करा दी। तब तक आग पॉवर कंट्रोल रूम की खिड़कियों तक पहुंच चुकी थी। बिजली सप्लाई बंद करने में थोड़ी सी देर होने पर आग पॉवर कंट्रोल रूम के ऊपर बने दफ्तरों को अपनी चपेट में ले सकती थी। इस फाल्ट के चलते साढ़े तीन घंटे तक वहां के दफ्तरों की बिजली ठप रही।
विकास भवन में पहले भी लग चुकी है आग
बिजली के शार्ट सर्किट से विकास भवन के दफ्तरों में पहले भी कई बार आग लग चुकी है। करीब आठ साल पहले सीडीओ रमाशंकर मौर्य के कार्यकाल में विकास भवन स्थित उद्यान विभाग के कार्यालय का रिकार्ड जल गया था। इससे पहले, प्रथम तल पर स्थित डीडीओ कार्यालय के पुराने कक्ष में भी बिजली का शार्ट सर्किट अग्निकांड का कारण बन चुका है। यही वजह है कि शुक्रवार को बिजली से आग लगने पर वहां कार्यरत कर्मचारियों में घबराहट फैल गई।
जाम मेें फंस गए दमकल यूनिट के वाहन
यह तो गनीमत रही कि बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र को विकास भवन के केबिल में आग लगने की समय रहते सूचना मिल गई। ऐसा न हुआ होता तो लपटें बुझाने में दमकल दस्ता भी नाकाम हो जाता। दरअसल, दमकल यूनिट के वाहन जिस वक्त फायर स्टेशन से जेल रोड पर चले, वहां खिरनीबाग से लेकर कलक्ट्रेट गेट के आगे तक रोड जाम होने से वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस कारण दमकल दस्ता बड़ा वाहन लेकर बमुश्किल कलक्ट्रेट के पश्चिमोत्तर गेट से अंदर दाखिल हो सका। कुछ देर बाद ही फायर यूनिट की छोड़ी गाड़ी भी वहां पहुंच गई, लेकिन आग बुझ चुकी होने के कारण दोनों वाहन लेकर दमकल कर्मचारी लौट गए।
बारिश में केबिल भीगने पर हुआ शार्ट सर्किट
बहादुरगंज पॉवर सब स्टेशन के प्रभारी अवर अभियंता शैलेंद्र पांडेय के अनुसार शुक्रवार को दिन में 11 बजे के बाद हुई बरसात में विकास भवन का बिजली केबिल भीगने से ज्वाइंट के पास पानी केबिल के अंदर चला जाने से उसमें आग लग गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में एलटी लाइन को कोई क्षति नहीं पहुंची, जिस कारण केबिल बदलकर विकास भवन की बिजली सप्लाई शाम साढ़े तीन बजे चालू कर दी गई।