सिंधौली। कस्बे के कई गांवों में खेत में लगी नरई में सोमवार को आग लग गई। धीरे-धीरे आग करीब आठ से 10 किलोमीटर के दायरे में फैल गई। कई ग्रामीणों के घरों तक आग पहुंची तो गृहस्थी का सामान भी जल गया। पीड़ित परिवार के लोग रोने बिलखने लगे। सूचना पर पहुंची फायरब्रिगेड टीम और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान ग्रामीणों ने घर में रखे गैस सिलिंडर तालाब में फेंक दिए ताकि कोई बड़ा हादसा ना हो जाए।
क्षेत्र के गांव गंधरपुर निवासी सुरेश पाल, सोहनलाल आदि ने बताया कि आग गांव तहरपुर की ओर से लगी। गेहूं की नरई से होते हुए आग गांव तक पहुंच गई। जिससे कई घरों का गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने से उपले के बठिया और कई भूसे के गूंगे जलकर राख हो गए।
गंधरपुर निवासी राधेश्याम ने बताया आग लगने से दो साइकिलें, 10 क्विंटल गेहूं, पांच क्विंटल धान, 50 हजार की नगदी, बेटी की शादी के लिए रखे जेवर और बेटे राकेश की कक्षा नौ से लेकर बीए तक की मार्कशीट जल गई। राधेश्याम की पत्नी रोते-रोते कई बार बेहोश हो गई।
पिंकी ने बताया लोन जमा करने के लिए घर में रखे एक लाख 75 हजार रुपये समेत गेहूं, चावल और गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।
मुकेश ने बताया गेहूं, चावल और तीन हजार की नकदी जल गई। भूमिहीन होने के कारण जैसे तैसे ही गृहस्थी बनाई थी, सब तबाह हो गया। कमला ने बताया बच्चों को लेकर गांव की ओर चले गए थे। इस दौरान घर में रखा सामान जल गया। महेश, सुनील, गब्बर, लल्लूराम आदि के घरों में नुकसान हुआ।
फायर बिग्रेड के सिपाही महेंद्र पाल और एसएस गौतम ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे गंधरपुर में आग लगने की सूचना मिली। आग ताहरपुर की ओर से लगना बताई गई है। जिसके बाद गंधरपुर, कोरोकुइया, लखराम, उमरिया, मुड़िया मिश्र, कटौल, कोटाबारी आदि गांवों के खेतों तक पहुंच गई। गेहूं की फसल कट जाने के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। केवल नरई ही जली है। वही गंधरपुर में कुछ घर जल गए जिससे नुकसान हो गया है।