शाहजहांपुर। पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ इस बार प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पराली जलाने पर किसानों से 30 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। इसके साथ ही विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। पराली जलाने वाले किसानों का गन्ना सट्टा निरस्त करने के साथ लेवी पर धान खरीद, खाद-बीज और अन्य कृषि योजनाओं के लाभ से भी वंचित किया जाएगा।
कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को पराली प्रबंधन को लेकर हुई बैठक में डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में रात्रि चौपाल लगाकर किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले में सेटेलाइट से पराली जलाने की 139 घटनाएं सामने आईं थीं। संबंधित किसानों के खिलाफ जुर्माना वसूलने, गन्ना सट्टा निरस्त करने और धान खरीद से प्रतिबंधित करने की कार्रवाई की गई थी।
उन्होंने कहा कि बिना एसएमएस यंत्र के कंबाइन से धान कटाई करने पर मशीन को सीज किया जाएगा। किसानों से पराली गोशालाओं में भेजने की अपील की गई। कृषि विभाग की ओर से पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। किसानों से इसका लाभ उठाने के लिए कहा गया। इस दौरान सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, उप कृषि निदेशक पीके मिश्रा आदि मौजूद रहे।