- 78 हजार लक्ष्य के सापेक्ष युवा मतदाता सिर्फ चार हजार
- पुरुषों के अनुपात में 2.23 लाख महिला मतदाता कम
- अगले साल 75 प्रतिशत मतदान का प्रशासनिक लक्ष्य
- डीएम ने विशेष पुनरीक्षण अभियान का दिया विवरण
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अगले वर्र्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक जनवरी 2017 को न्यूनतम अर्हता आयु 18 वर्ष पूरी करने वाले सभी युवाओं समेत महिलाओं को मताधिकार दिया जाना है। जिले में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के केवल चार हजार मतदाता बन सके हैं, जबकि आयोग ने कुल मतदाताआेें के सापेक्ष इस आयु वर्ग के 78 हजार मतदाता बनाने का लक्ष्य दिया है। डीएम राम गणेश ने बुधवार को विकास भवन सभागार में इसके कई कारण गिनाए और अगले चरण में प्रस्तावित मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान का विवरण देने के साथ उसके प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
डीएम ने बताया कि मतदाता सूचियों के अब तक किए गए पुनरीक्षण में सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में 19 लाख 53 हजार 455 मतदाता हैं। कुल मतदाताओं के सापेक्ष अगले वर्ष एक जनवरी को 18 वर्ष अर्हता आयु पूरी करने वाले मतदाताओं की संख्या 78 हजार होनी चाहिए, लेकिन अभी तक 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के चार हजार मतदाता बन पाए हैं। इसी तरह 10 लाख 88 हजार 164 पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या सिर्फ आठ लाख 65 हजार 147 है।
डीएम के अनुसार निर्वाचन आयोग से तय मानक के अनुसार पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिलाओं की संख्या 2.23 लाख कम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में मताधिकार के प्रति जागरूकता में कमी, 18 वर्ष के युवाओं से वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के बदले आयु प्रमाण पत्र मांगे जाने से बचने को आयु अधिक बता दिए जाने और पुनरीक्षण अभियान का अपेक्षित प्रसार-प्रचार नहीं हो पाने आदि कारणों से युवाओं और महिला मतदाताओें की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी।
डीएम ने कहा कि इसी कमी को दूर करने के लिए स्कूल-कालेजों मेें बीएलओ को भेजकर नए मतदाताओं से फार्म-6 भरवाए जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव को महायज्ञ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को पवित्र बनाए रखने के लिए मतदाता सूचियों का भी पाक-साफ होना जरूरी है। इसीलिए निर्वाचक नामावलियों से किसी भी तरह की गड़बड़ी दूर करने के लिए आठ व नौ अक्तूबर और 22 व 23 अक्तूबर को मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ टीके शिबु, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार दीक्षित मौजूद रहे।
मतदान 62 से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का लक्ष्य
डीएम ने बताया कि वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले में 65 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसे बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया गया है। लक्ष्य की पूर्ति के लिए इस बार 92 बूथ बढ़ाकर कुल 2325 बूथ तय करके इतने ही बीएलओ नियुक्त कर उन्हें नए नाम बढ़ाने, मृतकों के नाम विलोपित करने, संशोधन आदि कार्यों के लिए पर्याप्त संख्या मेें जरूरी प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं। इस कड़ी में अब तक 66 हजार संशोधन कराए जा चुके हैं। बीएलओ के काम की लगातार मॉनीटरिंग भी की जा रही है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किसी भी बूथ पर 300 से कम मतदाता नहीं होने चाहिए, लेकिन अधिकतम लोगों को मताधिकार को प्रेरित करने के लिए कई ऐसे बूथ बनाए गए, जहां मतदाताओं की संख्या न्यूनतम मानक से कम है।
अनिवार्य व्यवस्थाओं से लैस रहेंगे सारे बूथ
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार दीक्षित के अनुसार निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक बूथ पर पेयजल, बिजली, विकलांगों के लिए रैंप, फर्नीचर, वेटिंग रूम, महिला-पुरुष टायलेट आदि अनिवार्य व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि 209 बूथों पर रैंप, 139 में पेयजल, 1001 में बिजली और 968 बूथों में वेटिंग रूम बनाए जाने शेष हैं। डीएम ने कहा कि जिन बूथों से संबंधित गांवों में अभी बिजली नहीं पहुंची है, वहां मतदान के दौरान सोलर लाइटें लगाई जाएंगी।