जैतीपुर (शाहजहांपुर)। जिले में बुखार सुरसा की तरह अपना मुंह फैलाता जा रहा है। सोमवार रात जैतीपुर इलाके की एक बुजुर्ग महिला की बुखार से मौत हो गई। इलाके में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग वाले बुखार पर काबू पा लने का दावा कर रहे हैं।
जैतीपुर कस्बा निवासी रामकुमार सक्सेना ने बताया कि उनकी पत्नी सावित्री (60) को शनिवार को बुखार आया था। पहले दिन उन्हें आलमपुर के एक निजी चिकित्सक को दिखाया था। दवाई से कुछ आराम भी मिला, लेकिन बाद में तबीयत दोबारा बिगड़ गई। परिजन सावित्री को दोबारा चिकित्सक के पास ले गए। डॉक्टर ने बुखार की जांच कराने को कहा। सोमवार को सावित्री को शाहजहांपुर ले जाया गया। शहर में कई प्राइवेट अस्पतालों वालों ने इलाज करने से मना कर दिया। फिर जिला अस्पताल के पास बने एक निजी अस्पताल ले गए। अस्पताल गेट पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
महिला सीएचसी पर न दवा लेने आई, और न ही जांच कराने। प्राइवेट डॉक्टरों को दिखाया होगा। जैतीपुर सीएचसी पर प्रतिदिन जांचें की जा रहे हैं। क्षेत्र की जनता से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा लोग आकर अपनी जांच कराएं, जिससे बुखार पर काबू पाया जा सके। हालांकि बुखार के मरीजों में कमी आई है। - डॉ. लईक अहमद सीएचसी प्रभारी जैतीपुर
स्वास्थ्य टीमों ने जांच कर दवा दी
जैतीपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मंगलवार को कलुबोझ, शाही, शाहबाद, जिगनिया, महसेटा और जैतीपुर में परीक्षण किया। जांच के दौरान कुल 326 मरीज देखे गए। 108 बुखार और तीन मलेरिया के मरीज मिले। डॉ. अरुण यादव के नेतृत्व वाली टीम के द्वारा की गई जांच में शाहाबाद में बुखार में 11, शाही में 10, जिगनिया 16, महोटा में 11 मरीज बुखार के मिले। जिगिनिया में दो मरीज मलेरिया के निकले। कुलुआबोझ में डॉ. शरद की टीम को 14 मरीज बुखार के मिले। डॉ. फ़हीम की टीम ने आलमपुर के द्वारा की गई जांच में 12 जगदीशपुर में, आठ महोटा 11, पिपरथरा में छह मरीज बुखार के निकले। डॉ. आशीष ने जैतीपुर सीएचसी पर मरीज देखे। जहां मरीज बुखार से पीड़ित मिले। शाही में एक मरीज मलेरिया का मिला। बुखार पीड़ितों को दवाएं भी दी गईं।
निवाड़ी में 50 लोग बुखार पीड़ित
ददरौल। निवाड़ी गांव में सोमवार को कांग्रेसी नेता प्रेम कुमार अवस्थी की बुखार से मौत हो गई थी। वहां गांव में करीब 50 लोगों को बुखार आ रहा है। इनमें बुजुर्ग महिला रामश्री, शुकी, श्यामाचरण, तौलाराम, नेतराम, छोटू, रूबी पुत्री रामभजन, शानू, हरिराम आदि हैं। इन लोगों को पिछले 10 दिनों से बुखार आ रहा है। बुखार से पीड़ित ज्यादातर लोग गांव में झोलाछाप से दवा ले रहे हैं। एक व्यक्ति की मौत होने के बाद भी मंगलवार को टीम निवाड़ी नहीं पहुंची। इस संबंध में ददरौल सीएचसी के डॉ. अनुभव कुमार गुप्ता ने बताया कि बुखार की कोई जानकारी नहीं थी। जहां से जानकारी आती है वहां टीम को भेजकर लोगों का परीक्षण करने के साथ दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। निवाड़ी गांव में बुधवार को टीम भेजी जाएगी।