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फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम  से जुड़ेंगे फुटकर विक्रेता

Fri, 15 Jul 2016 11:20 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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 सब कुछ ठीक रहा तो जिले को आवंटित उर्वरकों की खेप अन्य जनपदों को सप्लाई हो सकेगी और किसान उर्वरकोें की किल्लत को लेकर परेशान नहीं होंगे। यही नहीं, किसानों को उर्वरकों पर देय अनुदान का लाभ भी मिल सकेगा। इसके लिए जिला कृषि अधिकारी ने शासनादेश के आधार पर जिले के सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी कर सभी फुटकर विक्रेताओं को विभाग के मोबाइल बेस्ड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम से संबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। 
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रबी और खरीफ जैसे फसली सीजन में यूरिया, डीएपी, जिंक आदि रासायनिक उर्वरकों के लिए किसानों के बीच मारामारी किसी से छिपी नहीं है। जिले को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक रैक उपलब्ध कराने पर भी खुले बाजार में उनका अभाव पैदा हो जाता है। दो साल पहले इन्हीं शिकायतों की जांच में अधिकारियों ने पाया कि कुछ थोक विक्रेता आवंटित उर्वरक अन्य जनपदों को सप्लाई कर रहे हैं।
अन्य जिलों से भी इस तरह की शिकायतें मिलने पर कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव ने सभी जिला कृषि अधिकारियों को सर्कुलर जारी करके थोक और फुटकर विक्रेताओं को एमएफएमएस से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
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इसके अनुपालन में जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह ने ने जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी कर कहा है कि वे उर्वरक लेने वाले फुटकर विक्रेताओं को एमएफएमएस का मोबाइल ऐप डाउनलोड कराकर उसका प्रयोग उर्वरक पावती अर्थात एकनॉलेजमेंट के तौर पर कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने नोटिस में उर्वरक स्टॉक और बिक्री पंजिका में नियमित रूप से संबंधित विवरण दर्ज करने, उर्वरकों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शासन से निर्धारित मानकों का पालन करने, रैक आने के 24 घंटे के अंदर उर्वरकाें का उठान करके सत्यापन कराने को तत्काल सूचना देने, किसानों को अनिवार्य रूप से कैशमेमो उपलब्ध कराने आदि निर्देश दिए हैं। 


व्यापारियों को नियमानुसार काम करने की नसीहत
एमएफएसएम से फुटकर विक्रेताओं को जोड़े जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुट के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता और नगर अध्यक्ष सचिन बाथम के नेतृत्व में लामबंद होकर जिला कृषि अधिकारी के पास पहुंचे। उन्होंने तर्क दिया कि तमाम फुटकर विक्रेता अनपढ़ अथवा कम पढ़े-लिखे होने के कारण इस सिस्टम का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। 
डीएओ एसपी सिंह ने कहा कि यह व्यापारियों की समस्या है और इससे निपटने के लिए उन्हें अपने प्रतिष्ठानों पर शिक्षित कर्मचारी रखने होंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में उर्वरक विक्रेताओं की बैठक बुलाकर उन्हें दिशा निर्देश देने का आग्रह किया। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि नवीनतम शासनादेश से उर्वरक विक्रेताओं को पहले ही अवगत कराया जा चुका है और बहुत जल्द ग्रामीण क्षेत्र में इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से किसी भी व्यापारी को परेशान नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन जानबूझकर की गई गड़बड़ी जांच में साबित होने पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान नारायण दास अग्रवाल, राकेश गुप्ता, कुंज बिहारी अग्रवाल, राजीव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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