बरेली। जिले में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। इस बात के कई बार संकेत मिल चुके हैं। अब कृषि विभाग की पड़ताल में पाया गया है कि एक ही आधार नंबर का दो-दो बार प्रयोग कर यूरिया खाद की बिक्री दिखाई गई है। इस मामले में संबंधित विक्रेता के यहां खाद आपूर्ति एवं बिक्री को प्रतिबंधित करने के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एक से 15 सितंबर के बीच विभागीय अधिकारियों ने खाद वितरण की औचक पड़ताल की। इसमें पाया गया कि नवाबगंज में इफको ई-बाजार ने नियमों के विरुद्ध जाकर खाद की बिक्री की है। 19 सितंबर को छेदालाल के नाम से डीएपी की आठ बोरी खाद बेची गई। वहीं, अरमान हैदर व विकास गंगवार के नाम पर सात-सात बोरी और बलविंद्र सिंह के नाम से छह बोरी डीएपी बिक्री की गई है।
करनैल सिंह, शेर सिंह, सुखवेंद्र सिंह के नाम से 10-10 बोरी और अराजिंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, दलविंद्र सिंह, जमुना प्रसाद, जसवंत सिंह समेत कुल 35 लोगों के नाम पर अवैध तरीके से किसी को छह-सात या आठ-आठ बोरी एनपीके खाद बिक्री कर दी है।
वहीं, बिथरी चैनपुर के कलापुर के मैसर्स श्री बाला जी की तरफ से उपलब्ध खाद का किसानों के बीच उनकी कृषि जोत के अनुसार वितरण नहीं किया जा रहा है। यहां से कुल 17 लोगों को नियमविरुद्ध खाद बिक्री दिखाई है। इसी तरह नवाबगंज में ईध जागीर में मैसर्स मां दुर्गा एग्रो कैमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के यहां भी खाद बिक्री में गड़बड़ी मिली है।
जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने बताया कि खाद बिक्री के लिए दी गई व्यवस्था में स्पष्ट है कि कृषि जोत के हिसाब से ही संबंधित किसान को खाद बांटी जाएगी। बिना पीओएस मशीन के प्रयोग खाद का वितरण अवैध है। उन्होंने बताया कि संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि किस वजह से एक ही किसान को उर्वरक के अधिक बैग बिक्री किए गए हैं? संतोषजनक जवाब न मिलने तक इन लोगों की खरीद-बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है। संवाद