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पिता ने मरने को छोड़ा, आरक्षी ने किशोरी को खून देकर बचाई जान

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शाहजहांपुर। कोरोना काल में पुलिस द्वारा जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इसका एक उदाहरण रविवार को भी देखने को मिला, जब एक किशोरी अपनी मां के साथ अल्हागंज थाने पहुंची और खून की कमी के कारण पिता को ही पकड़ने की मांग करने लगी। उसकी पीड़ा को समझते हुए थाने में तैनात आरक्षी ने अपना खून देकर उसकी जान बचाने का काम किया गया।
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रविवार को अल्हागंज निवासी सविता (17) पुत्री नन्हें अपनी मां सुनीता के साथ सुबह करीब 9:00 बजे थाने पहुंची। उसने आंखों में आंसू और भरे गले से थाना प्रभारी से कहा कि सर, मेरे पापा को पकड़ लो, मैं करीब 15 दिनों से बीमार हूं और जिला अस्पताल से इलाज चल रहा है, जहां डाक्टर ने खून की कमी होना बताया है। उसका ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है। इसकी जानकारी उसने अपने पिता नन्हे को दी लेकिन कई बार कहने के बाद भी वह खून देने को तैैयार ही नहीं हैं। इस वजह से मैं बहुत कमजोर होती जा रही हूं, अगर समय से खून नहीं मिला तो कुछ भी अनहोनी हो सकती है। किशोरी की बात सुनकर थाना प्रभारी ने पूरी जानकारी एसपी एस. आनंद को दी। एसपी के निर्देश पर अल्हागंज थाने के सभी कर्मचारियों के ब्लड ग्रुप की जानकारी ली गई।
इस बीच आरक्षी राशिद खां का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव निकल आया और वह बिना किसी देरी के किशोरी को अपना खून देने के लिए तैयार हो गए। जिला अस्पताल जाकर आरक्षी राशिद खां ने किशोरी को अपना खून दिया। पुलिस के इस मानवीय रूप की हर ओर प्रशंसा हो रही है। वहीं, एसपी एस. आनंद ने आरक्षी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।
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