शाहजहांपुर। गालीगलौज का विरोध करने पर हमला करने के दोषी पिता और उसके दो बेटों को अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद ने पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
सिंधौली थाना क्षेत्र के शिवनगर के रहने वाले रामसागर ने पुलिस को बताया था कि 21 जनवरी 2021 को वह अपने घर के सामने बच्चों के साथ बैठे हुए थे। तभी रामदास अपने बेटे रिंकू उर्फ सरोज और पिंकू उर्फ मनोज के साथ गाली देते हुए वहां से जा रहे थे। रामसागर ने परिवार की महिलाओं के सामने गालीगलौज करने से मना किया तो वे लोग हमलावर हो गए।
डंडा व फरसा का वार कर उसके बेटे जगमोहन को गंभीर रूप से घायल कर दिया। वे लोग धमकाते हुए चले गए। पुलिस ने तीनों हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने रामदास, पिंकू और रिंकू को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
छेड़खानी में तीन वर्ष की सजा
शाहजहांपुर। किशोरी से छेड़खानी में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट शिवकुमार तृतीय ने दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
गढ़ियारंगीन थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो मार्च 2018 को उसकी 13 वर्ष की बेटी गांव की अन्य लड़कियों के साथ देवस्थान पर गई थी। वापसी में उनकी बेटी को जयपाल सिंह ने पकड़ लिया। उससे छेड़खानी करने लगा।
बेटी के चिल्लाने पर आगे चल रहीं औरतों ने शोर मचाया तो पिता समेत अन्य परिजन मौके पर आ गए। उन लोगों को आता देखकर वह भाग गया। पुलिस ने जयपाल के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। पीड़िता और अन्य गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने जयपाल को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। संवाद