डॉ. रोहताश
शाहजहांपुर। गर्मी की वजह से लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं। नींद पूरी न होने की वजह से लोग मानसिक रोगी बन रहे हैं। बेचैनी और घबराहट की समस्या को लेकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना ही करीब 50 मरीज आते हैं। इसमें रोजाना ही आठ से दस मरीज नींद नहीं आने की वजह से बेचैनी ओर घबराहट की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। क्लीनिक साइकोलॉजिस्ट डॉ. रोहताश सिंह बताते हैं कि नींद संबंधी विकार मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। सोने में कठिनाई, सोते समय सांस लेने में रुकावट की समस्या भी अलग-अलग तरह के विकार हैं। उन्होंने बताया कि क्रोनिक थकान सिंड्रोम में लंबे समय तक थकान रहने की दिक्कत रहती है।
जीवन शैली में बदलाव करने के लिए सोने और जागने के लिए समय निर्धारित करना चाहिए। कैफीन और शराब का सेवन कम करें। नींद संबंधी विकार होने पर साइकोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक से परामर्श लें। - डॉ. रोहताश सिंह, क्लीनिक साइकोलॉजिस्ट