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Shahjahanpur News: डीएपी के लिए सुबह से लाइन में लगे किसान शाम को लौटे मायूस

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रोजा क्षेत्र के जमुका स्थित सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद - फोटो : kishtwar news
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रोजा। भावलखेड़ा ब्लाॅक के गांव जमुका की सहकारी समिति के गोदाम पर डीएपी लेने के लिए किसानों में शनिवार को सुबह छह बजे से मारामारी मची रही। चार घंटे तक इंतजार के बाद समिति के कर्मचारियों ने सुबह दस बजे पहुंचकर व्यवस्था संभाली। तब जाकर किसानों को टोकन के आधार पर नैनो डीएपी वितरित होना शुरू हुई। देर शाम तक खाद बांटे जाने के बावजूद कई किसान डीएपी नहीं मिलने से मायूस होकर लौट गए। किसानों का आरोप है कि समिति के कर्मचारी खाद वितरण में भेदभाव कर रहे हैं।
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धान की फसल कटने के बाद जिन किसानों ने पराली का निस्तारण कर खेत खाली कर लिए हैं, वे रबी सीजन में गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हैं। कई किसानों ने खेतों में पानी भरकर उनकी जोताई करने के बाद पलेवा कर उन्हें समतल भी कर लिया है, लेकिन उन्हें गेहूं की बोआई के लिए डीएपी नहीं मिल रही है।
किसान इस बात से परेशान हैं कि खाद जल्द नहीं मिलने से खेतों की नमी सूख रही है। ऐसे में खाद मिलने में देरी होने पर उन्हें फिर से पानी लगाकर पलेवा करना होगा और ऐसी दशा में बोआई का काम कम से कम एक सप्ताह पिछड़ जाएगा।
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किसानों की बात
सुबह 7:30 बजे समिति के गोदाम पर पहुंच गया, लेकिन कर्मचारी 10:30 बजे आए। दिन में दो बजे तक सिर्फ छह लोगों के कागज जमा हुए और 18 लोगों को खाद दी गई। परिचितों को अंदर बुलाकर उनके कागज पहले जमा कर लिए गए। हमें तीन बोरी डीएपी के साथ एक नैनो डीएपी की रसीद देकर खाद लेने के लिए बाद में आने को कहा गया, जबकि हमसे बाद पहुंचे लोगों को खाद दे दी गई।
-बालकराम, कुआंबोझ

समिति के गोदाम पर सुबह 10 बजे से दिन में दो बजे तक केवल छह किसानों के कागज जमा किए गए। रजिस्टर पर भी सिर्फ छह किसानों के ही नाम लिखे गए, लेकिन एक-एक कर 18 लोगों को खाद देकर उनके घरों को भेज दिया गया। सुबह से लाइन में लगने पर मेरा कई घंटे समय खराब हुआ, लेकिन खाद नहीं दी गई। कहा है कि नंबर आने पर मिलेगी, लेकिन नंबर कौन तय करेगा?
-सौरभ सिंह, हेतमपुर


खाद वितरण में भेदभाव किए जाने का किसानों का आरोप बेबुनियाद है। लाइन में लगे किसानों का अंगूठा लगवाकर उन्हें नियमानुसार प्रति व्यक्ति तीन बोरी डीएपी और एक यूनिट नैनो डीएपी दी जा रही है। गोदाम में खाद की कमी नहीं हैं।
-अखिल प्रताप सिंह, सचिव, साधन सहकारी समिति, जमुका

रोजा क्षेत्र के जमुका स्थित सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद- फोटो : kishtwar news

रोजा क्षेत्र के जमुका स्थित सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद- फोटो : kishtwar news

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