- आठ लाख रुपये का 35 हजार बोर वारदाना हुआ राख
मंडी परिसर में बने किसान विश्राम गृह में आग लगने से आठ लाख रुपये का 35 हजार बोरी वारदाना जलकर राख हो गया। बृहस्पतिवार सुबह लगी आग पर दमकल आने के बाद शाम को काबू पाया जा सका। आग को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं।
मंडी कर्मियों ने बताया कि इस वर्ष गेहूं खरीद का कार्य बंद होने के बाद गेहूं खरी केंद्रों पर बचे वारदाने को मंडी परिसर में बने किसान विश्राम गृह में एसएमआई दिग्विजय सिंह पाल की देखरेख में रखवाकर ताला डलवा दिया गया था। बृहस्पतिवार सुबह दस बजे किसान विश्राम ग्रह की खिड़की और दरवाजे से आग की लपटें बाहर निकलने लगीं तो मंडी में मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। आग लगने की सूचना फायर बिग्रेड को दी गई। दोपहर सवा बजे जब तक दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे तब तक वारदाना जलने के साथ किसान भवन की बिल्डिंग को भी काफी नुकसान पहुंच चुका था। दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद भी जब शाम पांच बजे तक आग पर काबू नहीं पाया तो शाहजहांपुर से फायर बिग्रेड की दूसरी गाड़ी मंगवाई गई। इसके बाद देर शाम तक आग पर काबू पाया जा सका।
एसएमआई दिग्विजय सिंह पाल ने बताया कि आग से करीब आठ लाख रुपये कीमत का 35 हजार बोरी वारदाना जल गया। इसके अलावा किसान विश्राम गृह के भवन को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
उधर, एक चर्चा यह भी है कि गेहूं खरीद के बाद बचा वारदाना तो विश्राम गृह में रखा गया था, लेकिन चार दिन पूर्व नया वारदाना निकलवाकर पुराना वारदाना भी भर दिया गया था। नए वारदाने को गायब करने के लिए साजिशन आग लगा दी गई। एसएमआई ने आरोपों को खंडन किया है। उनका कहना है कि आग में नया वारदाना ही जला है।