किसानों की विभिन्न समस्याओं के निस्तारण और किसान आयोग के गठन की मांग को लेकर 17 जून से चल रहे भाकियू (भानु गुट) का क्रमिक अनशन बृहस्पतिवार को उग्र प्रदर्शन में बदल गया। भारी संख्या में लाठी-डंडे लेकर महिलाओं के साथ जुटे किसानों के आगे दबाव में आए अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया। इस दौरान धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात रही।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत किसानों का अनशन स्थल पर सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गया था। पुलिस प्रशासन ने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस और पीएसी धरना स्थल के आसपास तैनात कर दी। लाठी डंडे लेकर पहुंचे किसानों ने नारेबाजी करते हुए दो टूक कह दिया कि जब तक उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं कर दिया जाता, वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे। भाकियू इसके लिए बड़ा आंदोलन छेड़ने के लिए तैयार है। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि चीनी मिलों पर किसानों का बकाया है। उसका भुगतान कराया जाए और किसान आयोग का गठन किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके। इसी के साथ ही किसानों ने मांग रखी कि जिला उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव पर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारी किसानों से वार्ता करने के लिए एडीएम (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, एएसपी (सिटी) दिनेश त्रिपाठी अनशन स्थल पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। अधिकारियों ने 15 दिन में समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। साथ ही जिला उपाध्यक्ष पर हुए हमले की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। प्रदर्शन के दौरान श्याम किशोर अगिभनहोत्री, संतकुमार, संतोष सिंह, प्रेम कुमार, विंदू सिंह यादव, वेदवती, लीलावती, सोनपाल, महेश वर्मा आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
दूसरे जिलों के किसान नेता भी रहे मौजूद
प्रदर्शनकारियों में बरेली जिलाध्यक्ष तेजपाल गंगवार, बदायूं जिलाध्यक्ष रविंदर सिंह, हरदोई जिलाध्यक्ष गर्वनर सिंह आदि भी मौजूद रहे।
तेज धूप में दरी पर बैठाकर की अधिकारियों ने वार्ता
भाकियू नेताओं ने एडीएम (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, एएसपी (सिटी) दिनेश त्रिपाठी, एसडीएम (सदर) रामजी मिश्र, सीओ (सिटी) अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सीओ (सदर) अखिलेश भदौरिया को तेज धूप में प्रदर्शन स्थल पर दरी पर बैठने को मजबूर कर दिया। लगभग एक घंटे तक चली वार्ता के दौरान अधिकारी पसीने से तरबतर रहे।
इन मांगों पर भी रहा फोकस
ब्लाक मदनापुर में गांव बिलगरा में नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए जाने के बाद भी गरीब किसानों पर चालीस-चालीस हजार रुपया बकाया निकाल दिया गया। एसपी का स्थानांतरण करने और किसानों के कर्जमाफी के मुद्दे को भी सामने रखा गया।