गन्ना शोध संस्थान में दो दिवसीय शरद कालीन प्रायोगिक बुवाई कार्यक्रम का शुभारंभ उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने किया। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, जिसमें वैज्ञानिकों और किसानों की सर्वांगीण विकास में प्रत्यक्ष सहभागिता है। शोध परिषद चीनी उद्योग की प्रगति में हमेशा से तत्पर रहा है।
रिसर्च एडवाइजरी कमेटी के सदस्य डॉ. अशोक कुमार, डॉ. एसएन सिंह, डॉ. ए. राना डे, डॉ. जे. सिंह, डॉ. मोहनलाल की उपस्थिति में निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने गन्ना शोध परिषद के गठन से लेकर अब तक की उपलब्धियां गिनाईं। चीनी के साथ ही अल्कोहल उत्पादन पर विशेष जोर दिया। इस मौके पर संयुक्त निदेशक डॉ. आईएस सिंह, डॉ. शुचिता सिंह, डॉ. वीरेश सिंह, डॉ. केपी पांडेय, डॉ विनय श्रीवास्तव, डॉ. एससी सिंह, डॉ. प्रताप सिंह, डॉ अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।