मूल्य समर्थन योजना के तहत जिले में गेहूं की सरकारी खरीद को विभिन्न एजेंसियों की ओर से खोले गए अधिकांश क्रय केंद्र किसानों के लिए मात्र दिखावा हैं। इन केंद्रों से भंडारण डिपो तक खरीदे गए गेहूं की ढुलाई का काम पटरी पर नहीं आ पाने से केंद्र प्रभारी गेहूं की तौल में तरह-तरह की बहानेबाजी कर किसानों को परेशान कर रहे हैं। कभी नमी ज्यादा तो कभी छनाई में कमी बताकर उन्हें गेहूं तौले बगैर वापस किया जा रहा है। इससे शुरुआती पखवाड़े में सिर्फ 15904 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका जबकि शासन ने इस बार जिले में खरीद लक्ष्य 4.25 लाख मीट्रिक टन रखा है, जो गत वर्ष की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है।
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बंपर पैदावार से खरीद लक्ष्य पूरा होेने की उम्मीद
शासन ने रबी विपणन वर्ष 2016-17 में जिले का खरीद लक्ष्य 1.76 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया था। इसके सापेक्ष 162 क्रय केंद्रों पर केवल 73635.29 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई थी। इस वर्ष जिले में 260064 हेेक्टेयर रकबा गेहूं से आच्छादित किया गया। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष मौसम की अनुकूलता से प्रति हेक्टेयर 44.8 क्विंटल गेहूं उत्पादकता के आधार पर 1146249 मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन होने का अनुमान है। अफसरों का मानना है कि सकल उत्पादन के सापेक्ष सरकारी सेक्टर को मात्र दस फीसदी गेहूं मिलने से खरीद का ग्राफ गत वर्ष का रिकार्ड तोड़ देगा, लेकिन खरीद की लक्ष्य पूर्ति हो पाने में संशय है।
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केंद्रों की संख्या बढ़े बगैर नहीं हो सकेगी लक्ष्य पूर्ति
गेहूं की सरकारी खरीद के लिए जिन एजेंसियों का चयन हुआ है, उन्हें अधिकृत रूप से क्रय केंद्र एलॉट करने में भी देरी हो गई। दरअसल, पिछले साल शासन ने गेहूं खरीद प्रक्रिया में खामियों के चलते नैफेड और यूपीएसएस को बैन कर दिया। इन एजेंसियों को खरीद सत्र शुरू होने के करीब 15 दिन बाद क्रय केंद्र दिए गए थे। इस वर्ष अभी तक केवल 116 केंद्र खुल पाए हैं, लेकिन तमाम केंद्रों पर खरीद ठप होेने से वहां सन्नाटा पसरा है।
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क्रय एजेंसी वार गेहूं की खरीद: एक नजर
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क्रय एजेंसी खरीद (मीट्रिक टन)
0 खाद्य विभाग 2350.05
0 पीसीएफ 3913.00
0 यूपी एग्रो 470.00
0 पीसीयू 1257.00
0 एसएफसी 1422.00
0 कर्मचारी कल्याण निगम 214.00
0 नैफेड 2462.00
0 भारतीय खाद्य निगम 3816.00
(आंकड़े 15 अप्रैल को शाम तक हुई खरीद पर आधारित)
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क्रय केंद्र्रोें से गेहूं की ढुलाई को लेकर कोई समस्या नहीं है। रविवार के अवकाश को छोड़कर अन्य सभी दिनों में क्रय केंद्र लगातार खोले जा रहे हैं। किसानों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए क्रय केंद्रोें की लगातार निगरानी की जा रही है। गेहूं की तौल में कोई दिक्कत होने पर किसान क्षेत्रीय अफसरों से संपर्क कर सकते हैं।
- सर्वेश कुमार, एडीएम/ प्रभारी अधिकारी गेहूं खरीद