फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फसलों में बढ़ रहे खरपतवार किसानों के लिए मुसीबत

Thu, 12 Feb 2015 07:44 PM IST
शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
खेतों में तैयार गेहूं की फसल के साथ बढ़वार ले रहे खरपतवार किसानों की मुसीबत बन गए हैं। कृषि विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति खरपतवार खींच लेते हैं और इससे कृषि उत्पादन घटने की आशंका बढ़ जाती है। यही नहीं, फसलों से हानिकारक वनस्पतियां मिटाने में सहायक कई पेस्टीसाइड्स भी कृषि रक्षा इकाइयों पर नहीं मिलने से किसान बेचैन हैं। उपज में करीब 20 फीसदी गिरावट की आशंका है।
विज्ञापन


तीन लाख हेक्टेयर खेती पर मंडरा रहा खतरा
इस वर्ष करीब तीन लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में रबी फसलें बोई गई हैं। सर्वाधिक 2.56 लाख हेक्टेयर रकबा में गेहूं की फसल है। इसी तरह 40 हजार हेक्टेयर में राई, सरसों और तोरई, 25 हजार हेक्टेयर में मसूर, 812 हेक्टेयर में मटर और 100 हेक्टेयर में चना फसलें हैं।

इन रसायनों से खरपतवार मिटाने संभव
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार मिटाने में 80 प्रतिशत सांद्रता वाला 625 ग्राम टू-फोर डी सोडियम साल्ट एक हेक्टेयर रकबा में छिड़काव किया जाना चाहिए। विकल्प के तौर पर कारपेंट्राजान भी बुवाई के 30-40 दिन केअंतराल पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी तरह गेहुंसा, जंगली जई आदि मिटाने में आइसोप्रोट्यूरान और पैडीमैथीलिन सहायक हो सकते हैं।
विज्ञापन


निराई करके फसलों से खरपतवार निकालें किसान
‘खरपतवार मिटाने के लिए किसान भाई फसली लागत बढ़ने से बचाने के लिए खरपतवार नियंत्रण के पुराने मैनुअल तरीके अपनाते हुए खेतों में निराई-गुड़ाई करते रहें। गेहूं की बालियां गर्भावस्था में होने से अब पेस्टीसाइड का इस्तेमाल उचित नहीं है। कृषि रक्षा इकाइयों पर भी खरपतवार नियंत्रक रसायनों की मांग कम हो गई है।’
विज्ञापन

-डॉ. आरके यादव, कृषि उप निदेशक/प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें