आरोपी डॉ. नफीस। संवाद
शाहजहांपुर। गिरफ्तार किए गए आरोपी शाहजहांपुर में नकली नोट की छपाई का अड्डा बनाने की साजिश रच रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पकड़े गए। आरोपी कार के अंदर ही प्रिंटर के जरिये नकली नोट बनाते थे और बाजार में खपा देते थे।
आरोपी नफीस व पंकज गंगवार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कोरोना काल में लॉकडाउन लगने के बाद दोनों बेरोजगार हो गए थे। आरोपियों ने बताया कि वे एक-एक रुपये के लिए मोहताज हो गए थे। तब उन लोगों ने अपराध की दुनिया में कदम रखा और नकली नोट बनाना शुरू किया।
प्रिंटर के माध्यम से नकली नोट छापने के बाद आसपास के जनपदों में जाकर चला देते थे। नकली नोट को छोटे-मोटे कारोबारियों को भी दे देते थे। अब शाहजहांपुर में अपना सेटअप लगाकर नकली नोटों को चलाने के लिए आए थे। इससे पहले वे कभी नहीं पकड़े गए।
पुलिस को पकड़े गए लोगों के पास से 500 रुपये के 840 नकली नोट, 100 रुपये के 370 नोट, 50 रुपये के 64 नोट, 20 रुपये के 40 नोट मिले। दो प्रिंटर, लैमिनेशन मशीन, नोट कटिंग पेपर आदि मिले।
आरोपी नफीस ने पूछताछ में बताया कि पंकज गंगवार ने अलग-अलग जिलों में नकली नोट चलाने के लिए तीन महीने पहले कार लोन पर ली थी। इसकी किस्त भी अभी नहीं निपट पाई है।
उसके बाद इसी कार से नकली नोट खपाने निकलते थे। कार के अंदर बैठकर भी नकली नोट बना लेते थे। एसपी ने बताया कि गैंग में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
आरोपी डॉ. नफीस। संवाद
आरोपी डॉ. नफीस। संवाद
आरोपी डॉ. नफीस। संवाद
आरोपी डॉ. नफीस। संवाद