चौहनापुर मोड़ से गर्रा नदी तक नहर जोतकर खेतों में मिला चुके हैं कई किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुर्रियाकलां। खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी देने के लिए सिंचाई विभाग के नलकूप खंड ने गर्रा नदी से निकली मौजमपुर पंप नहर की खोदाई और सफाई का काम शुरू करा दिया है। हालांकि, कई जगह नहर से अवैध कब्जे नहीं हटाए गए हैं।
इस नहर का पानी एक दशक से चांदापुर से थोड़ा आगे लगभग 13 किमी तक पहुंचता था। उसके आगे भरगवां से चौहनापुर गांव के तिराहे तक एक किमी के दायरे में कई जगह कुछ लोगों ने नहर को मिट्टी से पाटकर निकास का रास्ता बना लिया और वहां खोखे रख लिए। चौहनापुर से एक किमी आगे नहर गर्रा नदी में मिल जाती थी, लेकिन इस एक किमी हिस्से की नहर को कई लोगों ने जोत कर अपने खेतों में मिला लिया।
इसे देखते हुए चौहनापुर मोड़ के बाद विभाग ने अवैध कब्जे हटाने के बजाय नहर के स्थान को ही निरस्त कर उसका अस्तित्व खत्म कर दिया। दो वर्ष पूर्व आई बाढ़ के बाद इस नहर के शुरुआती छोर से लगभग 1200 मीटर हिस्से को 1.86 करोड़ रुपये की लागत से पक्का कर दिया गया, लेकिन अंतिम छोर का अस्तित्व खत्म हो गया।
फिलहाल, नहर की सफाई और खोदाई का काम शुरू हो जाने से किसानों में खुशी की लहर है। नहर के किनारे बसे पसगवां, भरगवां, दुधौना बंजर, इटौरा, गौटिया, खिरिया शेख, खिरिया हीर, ताहरपुर, फतेहपुर, परसिनिया, मढ़हा, बेल गौटिया आदि गांवों के किसानों का मानना है कि सफाई के बाद नहर में अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से उनकी हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। बता दें कि अब तक इन गांवों के किसान फसलों की सिंचाई के लिए सबमर्सिबल पंप और पंपिंग सेट पर निर्भर थे।
नहरों की खोदाई और सफाई के लिए सहायक और अवर अभियंताओं को भी अधिकृत किया गया है। पंप नहर पर अवैध कब्जों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई जल्द की जाएगी। -शशांक कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग (नलकूप खंड), शाहजहांपुर