छह से लेकर 14 वर्ष तक की उम्र के जो बच्चे परिषदीय विद्यालयों, सहायता प्राप्त स्कूलों और मदरसों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें अब गर्मियों की छुट्टियों में भी घर से बुलाकर दोपहर का भोजन कराया जाएगा। प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर सहित 58 जिलों में बच्चों को गर्मियों भर स्कूल खोलकर मिड-डे मील वितरित करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश 21 मई से लेकर 30 जून तक जारी रहेगा।
मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण की निदेशक श्रद्घा मिश्रा ने इस आशय का आदेश पत्र जारी करके सभी 58 जिलों के डीएम, शिक्षा निदेशक, मंडलीय शिक्षा निदेशक और बीएसए से कहा कि मिड डे मील का वितरण सुबह नौ बजे से लेकर 11 बजे तक किया जाना है। एमडीएम के वितरण की जिम्मेदारी पूर्ववत रहेगी। कहा कि रसोइयों की व्यवस्था सामान्य दिनों के जैसी ही कर ली जाए।
निदेशक के निर्देश हैं कि भोजन वितरण में कोई लापरवाही न हो, इसलिए जिला स्तरीय, ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करके जांच कराई जाए। कहा कि गर्मियों में भोजन खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए खाने की गुणवता का ध्यान रखा जाए। बीएसए ने निदेशक के आदेश से संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
समर वेकेशन मनाने जा रहे शिक्षकों को झटका
गर्मियों के अवकाश मेें तमाम शिक्षक हिल स्टेशन या अन्य स्थानों पर घूमने के लिए चले जाते हैं। इसके चलते कई शिक्षकों ने रिजर्वेशन भी करा लिए हैं। अब उन लोगों को बाहर जाने का मौका नहीं मिलेगा। इससे उन्हें रिजर्वेशन रद्द कराने भी पड़ सकते हैं।
गर्मियों के अवकाश के दौरान विद्यालय खोलकर छात्र-छात्राओं को मिड डे मील वितरण कराने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दे दिए गए हैं। कहा गया कि इसकी चेकिंग भी जाएगी, जिसमें जिन विद्यालयों में मिड मील नहीं बनता हुआ मिला तो वहां के स्टॉफ कर्मियों पर कार्रवाई जाएगी।Ó
- राजेश वर्मा, बीएसए
इस आदेश का हर स्तर पर करेंगे विरोध: संजय
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने गर्मियों की छुट्टियों में स्कूल खोले जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि अवकाश के दिनों में अध्यापकों से विद्यालय खुलवाने का आदेश पूरी तरह से अव्यवहारिक है। कहा कि केवल मिड डे मील तैयार कराने के लिए अध्यापकों की छुट्टियां खत्म कराना सही निर्णय नहीं है। कहा कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।