फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: रामगंगा व बहगुल के तटवर्ती गांवों में कृषि भूमि की कटान जारी

विज्ञापन
खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद
विज्ञापन
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। रामगंगा और बहगुल नदियों के उफान और बदले बहाव से तटवर्ती करीब एक दर्जन गांवों में तेजी से कृषि भूमि की कटान हो रही है। सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन, फसल, पेड़ और बोरिंग नदी में समा चुके हैं। उधर गर्रा नदी भी तिलहर और खुदागंज क्षेत्र में कटान कर रही है। कई संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन

अल्हागंज क्षेत्र के भरतौली और कसारी के साथ खंडहर क्षेत्र के रामपुर में रामगंगा और बहगुल कटान कर रही हैं। रामपुर के दीपक, नरसिंह, संतोष, छोटेलाल, संजीव और मूलशंकर समेत कई किसानों की आठ एकड़ से अधिक बाजरा, उड़द और धान की फसल सहित जमीन कट चुकी है। ग्रामीण रवींद्र ने बताया कि नदी रोजाना दो से तीन मीटर कटान कर रही है और अब आबादी से महज 20-22 मीटर दूर है।
फर्रुखाबाद हाईवे किनारे ठिंगरी, कोठामंझा, दौलतियापुर और चुन्नी की मड़ैया में भी कटान जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, चारों गांवों के 84 किसानों की करीब एक हजार बीघा जमीन अब तक नदी में समा चुकी है। ठिंगरी के अभिषेक सिंह की करीब 80 बीघा जमीन बोरिंग समेत कट गई। दर्जनों पेड़ भी उखड़कर बह गए हैं।
विज्ञापन



कसारी गांव का जायजा लेने पहुंचे एडीएम
जलालाबाद। कसारी में कटान से हो रहे नुकसान की खबर शनिवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद सिंह अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने भी ग्रामीणों से नुकसान की जानकारी ली। कोलाघाट पुल के पास कसारी में अब तक 150 बीघा से अधिक खेत फसल समेत कट चुके हैं। एडीएम ने एसडीएम मधुसूदन गुप्ता को तटवर्ती गांवों पर नजर रखने और आपदा से निपटने की तैयारियां पहले से करने के निर्देश दिए। उनके साथ सीओ दीपक सिंह, तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी और सिंचाई विभाग के जेई अनुज मिश्रा मौजूद रहे।
एसडीएम ने बताया कि कसारी समेत दो गांवों में बाढ़ प्रभावितों के लिए शरणालय बनाए जा रहे हैं। प्रभावित गांवों में नाव उपलब्ध कराने और रोजाना रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। संवाद

गंगा में उफान से स्टेट हाईवे फिर जलमग्न

मिर्जापुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे शनिवार को चौरा गांव के पास फिर डूब गया। करीब 100 मीटर हिस्से में एक फुट से अधिक पानी बह रहा है। चौरा-बसोला नगला संपर्क मार्ग और पैलानी उत्तरी को इस्लामनगर, आजादनगर व मस्जिदनगला से जोड़ने वाले रास्ते कई जगह जलमग्न हैं। फसलें डूबने और चारे की कमी से किसान व पशुपालक परेशान हैं। एसडीएम कलान आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि अत्यधिक बारिश से जलस्तर बढ़ा है और एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। संवाद

गर्रा नदी से कई गांवों में कटान
तिलहर। गर्रा नदी के उफान से रटा रटी, जिकड़ीपुर, अजमाबाद, बिहारीपुर, बरहा मोहब्बतपुर, ढीमर गोटिया, सुनौरा, चिती बोझी और घनश्यामपुर समेत कई गांवों में भूमि कटान शुरू हो गई है। जिकड़ीपुर, चिती बोझी और घनश्यामपुर में पानी आबादी के करीब पहुंच रहा है। राजस्व टीम ने संवेदनशील स्थानों पर मिट्टी से भरे बोरे लगाने शुरू कर दिए हैं। तहसीलदार आदेश कुमार ने बताया कि तटीय गांवों को सचेत किया जा रहा है और जरूरत पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। संवाद

खिरिया-गौहनिया मार्ग का 50 मीटर हिस्सा नदी में समाया
तिलहर/खुदागंज। गर्रा (देवहा) नदी खिरिया और गौहनिया गांव के पास तेजी से कटान कर रही है। दोनों गांवों के बीच करीब एक किलोमीटर संपर्क मार्ग के कई हिस्से जलमग्न हैं। शुक्रवार रात मझिला से खिरिया जाने वाले संपर्क मार्ग का करीब 50 मीटर हिस्सा कटकर नदी में समा गया। ग्रामीण अब अवधेश शुक्ला के खेत से होकर निकल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कटान नहीं रुकी तो दोनों गांवों की आबादी भी इसकी जद में आ सकती है। गत वर्ष रामेश्वरगंज गौंटिया समेत कई गांवों में बाढ़ और कटान से भारी नुकसान हुआ था। इस बार फिर खतरा बढ़ गया है। गौहनिया निवासी लीला, मुरारी और सोनपाल के खेत भी कटान की जद में हैं। संवाद

ग्रामीणों की चिंता

गर्रा नदी से भूमि कटान जारी रहने से गांव में पानी भरना शुरू हो जाएगा। बाढ़ से आबादी क्षेत्र घिरने पर गांव से पलायन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
- राकेश गुप्ता, गौहनिया


गर्रा में उफान और बढ़ने पर नदी के दोनों किनारों पर भूमि कटान करेगी। इससे खिरिया और गौहनिया का वजूद खतरे में पड़ जाएगा। प्रशासन कटान रोकने को प्राथमिकता दे।
- अजुज शंखधार, गौहनिया


अभी गर्रा नदी गौहनिया के पास कटान कर रही है। इसे नहीं रोका गया तो सबसे ज्यादा नुकसान गांव के लोगों को होगा। गांव के रास्ते पर पानी आ चुका है।
- प्रदीप मिश्रा, खिरिया

खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद

खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद

खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद

खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद

खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद

खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद

खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद

खुदागंज के खिरिया, गौहनिया संपर्क मार्ग पर बाढ़ के बीच से निकलते बाइक सवार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें