राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी का आयोजन स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में किया गया। इस अवसर पर प्रमुख वक्ता के रूप में प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश ने समतामूलक समाज की स्थापना के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों और भारतीय संस्कृति को अपनाने पर जोर दिया।
डॉ. हरीश ने कहा कि विवेकानंद ने भारतीय धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों को शिकागो की धर्म सभा में वर्णित किया था। उन्होंने भारतीय संस्कृति को पूरे यूरोप में प्रसारित किया। उन्होंने देवी-देवताओं की पूजा के बजाय भारत माता की सेवा का मंत्र दिया। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए महर्षि अरविंद, संघ के द्वितीय सरसंघ चालक गुरूजी ने भी ईश्वर भक्ति के बजाय भारत माता की सेवा का संकल्प लिया और देशवासियों को इसके लिए प्रेरित भी किया। उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम परिवारयुक्त, पर्यावरण सहायक और अतिक्रमणमुक्त जीवन शैली अपनाएं।
इससे पूर्व समाजसेवी अरुण खंडेलवाल की अध्यक्षता में डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र, रमेश भइया, राजाराम मिश्र, कमलेश द्विवेदी आदि ने भी विचार व्यक्त कर सामाजिक एकता पर बल दिया। रवि मिश्रा के संचालन में हुई गोष्ठी में राजकमल वाजपेयी, रूपेश वर्मा, यतींद्र चौहान, प्रदीप, विश्वजीत, संत कुमार, अरविंद वाजपेयी, ईशपाल, धर्मेंद्र आदि का योगदान रहा।