पॉवर कारपोरेशन के नौ घंटे की नियमित कटौती के बाद रात में आठ से आपात कटौती करने से शहर के लोग परेशान हैं। शनिवार को रात में तीन घंटे तक इमरजेंसी पॉवर कट किया गया। आपात कटौती पर रोक नहीं लगाए जाने पर व्यापार संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
बिजली विभाग के लखनऊ सिस्टम कंट्रोल ने गत वर्ष मई में शहरी क्षेत्र के लिए रोजाना तीन चरणों में नौ घंटे की नियमित कटौती लागू की जो कि अभी तक प्रभावी है। हालांकि, शुरुआती रोस्टर में रात नौ से 11 बजे तक कटौती प्रावधान का व्यापार संगठनों के विरोध करने पर कटौती कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया, लेकिन इधर, एक सप्ताह से रात में दो घंटे की इमर्जेंसी रोस्टरिंग लागू होने से लोग परेशान होने लगे।
कई संगठनों ने नियमित कटौती के समानांतर रात की आपात कटौती का विरोध भी किया, लेकिन समस्या कम होने के बजाय बढ़ रही है। शनिवार को रात आठ बजे से 11 बजे तक सभी फीडरों की बत्ती गुल रहने से शहर की सड़कों पर अंधेरा छाया रहा। व्यापार संगठनों ने इस मुद्दे पर फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने कहा कि बिजली सप्लाई का यही हाल रहा तो महकमे के अभियंताओं का घेराव किया जाएगा। कंछल गुट के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम, आदर्श व्यापार मंडल के जिला महासचिव रमेश चंद्र शुक्ला आदि ने कहा कि इस संबंध में संगठनों का शिष्टमंडल डीजीएम और एक्सईएन सिटी से मिलकर रात की कटौती बंद कराने की मांग करेगा।