जलालाबाद में रामताल की जमीन पर निर्माण करने के आरोपी के घर पहुंचकर विद्युत निगम की टीम ने जांच
जलालाबाद। भगवान परशुराम की जन्मस्थली के पास स्थित रामताल पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तिक्रमण करने के 23 आरोपियों को नोटिस देने के बाद मंगलवार को विद्युत निगम की टीम ने तीन कब्जेदारों के बिजली कनेक्शन काट दिए। साथ ही 20 अन्य अवैध कब्जेदारों को किसी भी दिन कनेक्शन काट दिए जाने की चेतावनी दी है।
बता दें कि रामताल के पश्चिमी व दक्षिणी किनारे पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से निर्माण कर लिए हैं। इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने कई बार प्रयास किए। कब्जों को चिह्नित कर लाल निशान लगाने और बाद में आरोपियों को नोटिस देने तक ही कार्रवाई सीमित रही। तीन साल पहले प्रदेश सरकार ने नगर को परशुराम जन्मस्थली घोषित किया। इसके बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई। मंदिर तक पहुंचने को चौड़ा रास्ता और पार्किंग आदि न होने से श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतें होती हैं।
एक साल पहले स्थल के सुंदरीकरण व श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाएं बहाल करने के लिए प्रदेश सरकार ने 19 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। साथ ही रामताल को अमृत सरोवर योजना में शामिल कर इसके विकास के लिए 11 करोड़ की धनराशि अलग से दी गई। इन कार्यों में बारह पत्थर रोड से मंदिर तक छह मीटर चौड़ा रास्ता और पार्किंग स्थल बनाना प्राथमिकता में शामिल है। मंदिर बस्ती के अंदर होने के कारण इन कार्यों के लिए जगह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रशासन के सामने रामताल के अतिक्रमण को हटाकर जगह खाली कराने का ही विकल्प बचा है।
अधिकारियों के निर्देशानुसार रामताल पर अतिक्रमण करने वाले 23 लोगों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है कि किसी भी दिन उनका बिजली कनेक्शन बिना पूर्व सूचना दिए काट दिया जाएगा। इसलिए वे लोग अपने रहने की अन्यत्र व्यवस्था कर लें।
-पीसी सागर, उपखंड अभियंता, विद्युत निगम, जलालाबाद