शाहजहांपुर। लॉकडाउन की वजह से लोग ज्यादातर समय घरों में बिता रहे हैं। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। ऊपर से बिजली का लोड बढ़ने से लाइनों में फाल्ट होने लगे हैं। भीषण गर्मी में बिजली जाने से लोग परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह में महानगर के विभिन्न इलाकों में शाम सात से रात दस बजे तक बिजली की लाइनें ओवरलोडिंग से बार-बार ट्रिप हो रही हैं। बुधवार को मालखाना मोड़ पर 11 केवी लाइन में खराबी आने से कई मोहल्लों की बिजली तीन घंटे तक गायब रही।
दो दिन पहले बहादुरगंज सब स्टेशन की 11 केवी लाइन पर क्षमता से ज्यादा भार पड़ा तो कचहरी रोड पर एकेसी तिराहा के पास पोल पर लगे जंपर जल उठे। जब तक लाइन बंद कराई जाती, लाइन केे बंच केबिल का इंसुलेशन जलने लगा। बाद में लाइन बंद कर बंच केबिल बदले गए और इस काम के दौरान दो घंटे से ज्यादा समय तक आसपास के सैकड़ों घरों की बत्ती गुल रही। इसी तरह सोमवार की रात रोजा बिजली उपकेेंद्र का पैनल ओवरलोडिंग से फाल्ट के शिकंजे में आ गया। पैनल बदलने का काम बीते दिन सुबह हो सका। नतीजे में रोजा अड्डा और वहां की कालोनियों में रहने वाले हजारों लोगों को पूरी रात बिजली के बगैर बितानी पड़ी।
बुधवार सुबह मालखाना मोड़ पर 11 केवी लाइन में खराबी के चलते बिजलीपुरा, मोहम्मद जई, खलीलशर्की, चौभुर्जी आदि मोहल्लों के बाशिंदों को करीब तीन घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। घनी आबादी वाले चौक, कटिया टोला, मदराखेल, मल्हार मोड़, तारीन टिकली की नई कालोनी, ऐमनजई जलालनगर, मक्कू बजरिया, मामुड़ी, लाला तेली बजरिया, ककरा कलां, बंगश आदि मोहल्लों में आए दिन ओवरलोडिंग से कभी जंपर जलने तो कभी फ्यूज उड़ने से लाइनें ट्रिप हो रही हैं। बिजली की मांग बढने से ट्रांसफार्मर भी गर्म होकर आए दिन जल रहे हैं। लोगों को रात मेें फाल्ट होने पर दिक्कत ज्यादा हो रही क्योंकि उन्हेें अगले दिन लाइन ठीक होने पर बिजली मिल पाती है।
शहरी क्षेत्र में डेढ़ गुना बढ़ी बिजली की खपत
महानगर के लगभग 70 हजार बिजली कनेक्शनों समेत जिले में 2.60 लाख बिजली उपभोक्ता है। इन कनेक्शनों पर सामान्य दिनों में 85 से 85 मिलियन यूनिट बिजली हर माह खपती है। दूसरे चरण के लॉकडाउन तक ज्यादा गर्मी नहीं पडने बाजारों में अधिकांश दुकानेें बंद रहने से नगरीय इलाकों में बिजली खपत 30 प्रतिशत घटकर 60 से 65 मिलियन यूनिट रह गई थी, लेकिन अब गर्मी ने विकराल रूप लिया तो घरों से लेकर बाजारों तक बिजली की मांग भी बढ़ गई। महानगर में प्रतिमाह औसतन 14 से 15 मिलियन यूनिट बिजली खपती है, लेकिन अब बिजली की मांग डेढ़ गुना बढ़ गई है।
लाइनों की मेंटीनेंस लगातार कराई जा रही है। गर्मी के सीजन मेें ओवरलोडिंग से ज्यादा लाइनें ओवरहीट होने से फाल्ट बढ़ जाते हैं। इन दिनों बिजली की खपत डेढ़ से दो गुना बढ़ जाती है और इसीलिए आपूर्ति के समय तार गर्म होकर जल उठते हैं। बारिश होने पर मौसम सुधरने पर यही लाइनेें चालू रहती हैं और कोई समस्या नहीं आती।
-प्रशांत गुप्ता, एक्सईएन (सिटी), पावर कारपोरेशन