जैतीपुर। मतदान के समय विकासखंड की ग्राम पंचायत शंकरपुर पिटरहाई में मतदान करने आए एक युवक ने मतपेटिका में पानी डाल दिया। किसी को कुछ पता चलता, इसके पहले वह रफूचक्कर हो गया। जानकारी होने पर दावेदार और उनके समर्थक पहुंच गए, उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर मौजूद भीड़ को खदेड़ा। पुलिस आरोपी को पकड़ नहीं पायी।
जैतीपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत शंकरपुर पिटरहाई के दो नंबर बूथ पर 11:00 बजे मतदान किया जा रहा था। करीब पचास लोगों की भीड़ मतदान केंद्र में लगी हुई थी। उसी दौरान एक मतदाता किसी तरह से मतदान कक्ष के अंदर पानी लेकर पहुंच गया। वोट डालने के बहाने उसने अपने पास से पानी को मतपेटिका में डाल दिया। पानी डालने के बाद वह भाग निकला। जब दूसरा मत डालने के लिए मतदाता पहुंचा, तो मत पेटिका में पानी पड़ा देख वह सन्न रह गया।
पीठासीन अधिकारी व मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। मतपेटिका में पानी डालने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। उन्होंने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस के साथ पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर मध्य पेटिका को खुलवाया और कपड़े से साफ कर पुन: मतदान चालू करा दिया।थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की तत्परता से संदूक में पानी डालने में कामयाब नहीं हो पाया और मौके से भाग गया। पुलिस आरोपी की जानकारी कर रही है।
अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा वोटरों ने भुगता
जैतीपुर। ब्लॉक के खुबपूर व शिकारपुर मतदान केंद्र पर बीडीसी का बैलेट पेपर न पहुंचने पर मतदान करने पहुंचे मतदाताओं ने नाराजगी जताई। मामले की सूचना सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दी गई। खूबपुर में तीन घंटे बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट ने मतदान केंद्र पर बीडीसी का बैलेट पेपर मुहैया कराया। वहीं शिकारपुर के वार्ड नंबर 21 पर बीडीसी बैलेट पेपर करीब पांच बजे एडीओ पंचायत लेकर पहुंचे। उसके बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ बूथ पर आए तथा कर्मचारी के माध्यम से लाउडस्पीकर द्वारा क्षेत्र पंचायत का वोट डालने से वंचित रह गए मतदाताओं को मतदान करने के लिए संबोधित बुलाया। बूथ पर चल रहे मतदान का समय रात्रि 11:00 बजे तक बताया गया है। जैतीपुर ब्लॉक के खुबपुर व शिकारपुर निवासी मतदाताओं ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को फोन से की शिकायत में कहा है कि उनके मतदान केंद्र पर मतदान शुरू होने के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्य का बैलेट पेपर पोलिंग पार्टियों के पास नहीं उपलब्ध था।
मतदाताओं के कहने पर पोलिंग पार्टियों ने जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद पर मतदान को रोक दिया। जिसके कारण बीडीसी पदों पर देर तक मतदान शुरु नहीं हो सका। मतपत्र पोलिंग पार्टी के पास न होने के संबंध में अधिकारी जवाब देने की बजाय बगले झांकते नजर आए।