पुवायां (शाहजहांपुर)। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही गांवों में चौपालों पर चर्चाएं बढ़ गई हैं। हर जगह चुनाव को लेकर जातीय समीकरण से लेकर प्रत्याशियों के बैकग्राउंड तक पर चर्चा हो रही है। इसके बीच बढ़ते कोरोना संक्रमण का जिक्र हो रहा है। कुछ लोग तो चाहते हैं कि चुनाव आगे बढ़ा दिया जाए। वोट मांगते समय ज्यादा लोगों के साथ घूमने और मतदान के दिन लाइन लगने से संक्रमण का खतरा बढ़ने को लेकर लोग चिंतित खासे हैं।
शिक्षित और ईमानदार प्रधान ही करा सकता है विकास
मझिगवां/ पुवायां। बुधवार को गांव बनिगवां के पूरब में स्थित ब्रह्मदेव बाबा के स्थान पर चौपाल लगी मिली। यहां गांव के वासुदेव कनौजिया, नन्हेंलाल गुप्ता, रामभजन, गुलजारीलाल, रामकेशन आदि बैठे आपस में चर्चा कर रहे थे। यहां चर्चा का विषय चुनाव था। बनिगवां गांवसभा से प्रधान पद के लिए आठ संभावित प्रत्याशी जोर आजमाइश कर रहे हैं। चौपाल में प्रत्याशी की शैक्षिक योग्यता, ईमानदारी को लेकर बात हो रही थी। वासुदेव ने कहा कि शिक्षित प्रत्याशी ही गांव का विकास करा सकता है, तो रामभजन का कहना था कि प्रधान ऐसा चुना जाए जो शिक्षित होने के साथ ईमानदार भी हो। संवाद
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बंडा। गांव बंडी में रामवती के घर के बाहर कई लोग बैठे मिले। यहां एक युवक समाचार पत्र में छपी खबरों को पढ़कर सुना रहा था। वहां बैठे रितेश, रमेश, सौरभ, राकेश ने बताया इस समय पंचायत चुनाव तेजी से चल रहा है। संभावित प्रत्याशी वोट मांगने आ रहे हैं। चुनाव से पहले हैं प्रत्याशी तमाम वायदे करते हैं, लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, ऐसे में चुनाव ठीक नहीं है।
लालच देने वाले को कतई न दें वोट
बुधवार दोपहर गांव मुड़िया कुर्मियात में आकाश पांडे के घर के बाहर चौपाल लगी थी। यहां गांव के नीरज यादव, पंकज मिश्रा, अमित सक्सेना, सुमित पांडे के बीच चर्चा चल रही थी कि इस समय तो वोटर की खूब खातिरदारी की जाती है। जीत के बाद नेता वोटर को भूल जाते हैं। चुनाव के दौरान शराब वितरित करने और लालच देकर वोट लेने की बावत चौपाल में चर्चा हुई। सुमित पांडे ने कहा कि जो वोटरों को लालच दे, या कुछ भी वितरित करे उसे वोट नहीं देना चाहिए, वह चुनाव जीतने के बाद अपना खर्च किया रुपया निकालेगा तो विकास कैसे होगा।
आगे बढ़े चुनाव, भीड़ से बढ़ सकता है संक्रमण
खुटार। गांव सौंफरी में एक आटा चक्की पर बुधवार दोपहर कई लोग बैठे चर्चा कर रहे थे। रामऔतार, आशीष कुमार, राजेश वर्मा, रामकुमार, राधेश्याम, हंसराम, वेदपाल आदि मौजूद थे। चौपाल में जातिय समीकरणों की चर्चा हो रही थी कि किस संभावित प्रत्याशी के साथ कितने लोग हैं। अधिकांश लोगों का मानना था कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते चुनाव आगे बढ़ना चाहिए। मतदान के दिन भीड़ से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। संवाद