ददरौल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कुतुआपुर में बीएलओ की मनमानी से वहां की मतदाता सूची में तमाम ऐसे लोग वोटर के तौर पर दर्ज कर दिए गए जो कि वहां के मूल निवासी नहीं हैं। सूची में करीब 1500 फर्जी वोटर शामिल होने से वहां के मूल निवासी खासे परेशान हैं, क्योंकि प्रधानी के चुनाव में यही फर्जी वोटर वहां के चुनाव नतीजे को प्रभावित कर सकते हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने डीएम शुभ्रा सक्सेना के नाम ज्ञापन देकर मतदाता सूची में संशोधन और बीएलओ के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की गुहार की।
ग्राम पंचायत कुतुआपुर से राजस्व ग्राम मोहद्दीनपुर भी जुड़ा है। इन गांवों में रहने वाले जैजैराम, श्याम लाल, अजय कुमार, कल्लू, श्रीकृष्ण आदि ने अधिकारियों के नाम जारी ज्ञापन में कहा है कि हाल ही में गांव की मतदाता सूची में संशोधन को सर्वे के लिए दो बीएलओ नियुक्त किए गए थे। बीएलओ ने घर-घर जाकर सर्वे करने के बजाय गांव में एक गुप्त स्थान पर बैठकर मनमाने तरीके से बाहरी लोगों से सुविधा शुल्क लेकर मतदाता सूची में उनके नाम दर्ज कर दिए।
ज्ञापन के अनुसार मतदाता सूची क्रमांक 528. 550, 562 और 766 पर दर्ज लोग शहर के मोहल्ला अजीजगंज के रहने वाले हैं और गांव से उनका कोई सरोकार नहीं है। वोटर क्रमांक 553 व 554 पर दर्ज दंपति सदर तहसील के गांव नौसारा के मूल निवासी हैं। इसी तरह मतदाता सूची क्रमांक 767, 769 और 803 पर दर्ज जिन लोगों को गांव का वोटर बताया गया, वे सभी शहर के मोहल्ला सरायकाइयां के रहने वाले हैं। इसी तरह अन्य क्रमांकों पर दर्ज तमाम लोग सदर तहसील के गांव नौगवां, मिश्रीपुर आदि में रह रहे हैं। ग्रामीणों ने दोबारा सर्वे कराकर मतदाता सूची संशोधित कराने और दोषी बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर बल दिया है। ज्ञापन की प्रति राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है।