फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दम तोड़ रहा है गन्ना किसान डिग्री कॉलेज

Fri, 16 Oct 2015 11:32 PM IST
पुवायां।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
 प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते पुवायां का गन्ना किसान डिग्री कॉलेज दम तोड़ रहा है। कॉलेज के चपरासी लिपिकों का काम करते हैं तो वहीं प्रवक्ताओं की कमी के चलते काफी समय से कॉलेज में कक्षाएं ही नहीं लगवाई गई हैं। कई साल से कार्यवाहक प्राचार्य का पद संभाले चल रहे एसडीएम ने भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी है, जिस कारण वर्तमान सत्र में आधी सीटें खाली रह गई हैं। शुक्रवार को भी कॉलेज बंद रहा।
पुवायां में किसान सहकारी चीनी मिल की स्थापना होने के बाद छात्रों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आ रही परेशानी को देखते हुए गन्ना किसान डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई थी। कॉलेज समिति में डीएम को अध्यक्ष, सीडीओ को सचिव और एसडीएम को संयुक्त सचिव बनाया गया था। कॉलेज में हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, संस्कृत, राजनीति शास्त्र आदि विषयों की पढ़ाई की व्यवस्था है। कॉलेज में पढ़ाने के लिए कुल 12 प्रवक्ताओं की तैनाती होनी चाहिए, जबकि वर्तमान में कुल तीन प्रवक्ता ही हैं। जिसमें एक प्रवक्ता निवेदिता वाजपेयी कार्यालय पर्यवेक्षक का काम करती हैं। लिपिक के सभी तीन पद रिक्त चल रहे हैं। कॉलेज के चपरासी और दो प्रवक्ता मिलकर लिपिक का काम निपटाते हैं। गत सत्र में कॉलेज की लगभग छह सौ सीटें तो फुल थीं, लेकिन शिक्षण कार्य नहीं होने से छात्रों का कॉलेज से मोहभंग हो गया और इस बार आधी सीटें खाली रह गईं। कक्षाएं नहीं लगने से इन छात्रों की पढ़ाई किस तरह से होगी, इस ओर कोई भी अधिकारी ध्यान देने की जरूरत नहीं समझ रहा है। कॉलेज में लगा एक हैंडपंप भी काफी समय से खराब पड़ा है।
विज्ञापन



फोटो 27 में है।
करोड़ों की कीमत का
छात्रावास भी बेकार
पुवायां। गन्ना किसान डिग्री कॉलेज में बाहर की छात्राओं के रहने के लिए करोड़ों की लागत से राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास की स्थापना की गई। 18 जुलाई 03 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने छात्रावास का लोकार्पण किया था। इसके बाद आज तक एक भी छात्रा ने उसमें रहने के लिए प्रवेश नहीं लिया है।


तमाम अनियमितताएं, लेकिन
सभी ने साध रखी है चुप्पी
पुवायां। गन्ना किसान डिग्री कॉलेज में तमाम अनियमितताएं हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे बैठे हैं। कॉलेज के नाम गांव हरदुआ में लगभग 32 एकड़ जमीन है। इस भूमि का कई वर्षों से ठेका ही नहीं हुआ है, जबकि जमीन पर अवैध रूप से खेती की जा रही है। कई एकड़ जमीन पर लोगों ने स्थाई कब्जा कर मकान आदि भी बना लिए हैं। इसके अलावा भी तमाम अनियमितताएं हैं।


पांच माह से नहीं मिला प्रवक्ताओं
और कर्मचारियों को वेतन
पुवायां। कॉलेज में कार्यरत प्रवक्ताओं और अन्य कर्मचारियों को पांच माह से वतन नहीं मिल सका है। बताया जाता है कि सीडीओ ने वेतन देने के लिए कॉलेज की नियमावली आदि तलब की है। कॉलेज की पर्यवेक्षक निवेदिता बाजपेयी ने बताया कि सीडीओ ने जो पत्रावली मांगी थी वह भेज दी गई है। जल्द ही वेतन मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवक्ता नहीं होने के कारण शिक्षण कार्य बाधित है। शुक्रवार को कॉलेज बंद रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह जरूरी कार्य से जिला मुख्यालय पर हैं। यदि कॉलेज बंद है तो जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन



चुनाव निपट जाने के बाद कालेज की ओर पूरा ध्यान दिया जाएगा और जो भी समस्याएं है उनको दूर कराया जाएगा। अन्य मामलों की जांच भी कराई जाएगी। किसी का वेतन नहीं रोका गया है। पत्रावली मांगी गई थी, वेतन भी जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।
- पुलकित खरे, सीडीओ शाहजहांपुर (सचिव गन्ना कि. डि. कालेज पुवायां)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें