खुदागंज। क्षेत्र के गांव सैदूपुर निवासी 75 वर्षीय रामकली की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका के पौत्र ने अनहोनी की आशंका जताते हुए चाचा और चाची पर आरोप लगाए हैं। दोनों भाइयों में आठ बीघा जमीन को लेकर मनमुटाव चल रहा था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रामकली के नाम पर आठ बीघा जमीन थी। उनके दो बेटे रामकृष्ण और रामगोपाल हैं। वह अपने छोटे बेटे रामगोपाल के पास रहतीं थीं। दो महीने पहले रामगोपाल हरिद्वार चले गए। वह अपनी मां रामकली को भी साथ ले गए। रामकृष्ण के बेटे बंटू ने बताया कि रामगोपाल ने 22 जुलाई को दादी को बहला-फुसलाकर चाची के नाम जमीन दान में लिखवा ली।
आरोप लगाया कि चाची दादी से किसी को भी मिलने नहीं देतीं थी। जमीन में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को बंटू तिलहर के गांव महामदपुर में रहने वाली बुआ के घर गया। उन्हें फैसला करने के लिए बुलाकर लेकर आया। इस बीच रामकली मृत मिलीं। बंटू ने दादी की मौत के हालात पर संदेह जताते हुए थाने में सूचना दी। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने बताया कि मामला जमीन के विवाद का है। रामकली स्वेच्छा से अपने छोटे बेटे के साथ रह रहीं थीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।