शाहजहांपुर। गर्मी के कारण उल्टी-दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को खुली ओपीडी में 1623 मरीज पहुंचे। इनमें करीब 25-30 प्रतिशत उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। वहीं, ओपीडी बंद होने के बाद ट्राॅमा सेंटर में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी।
तेज धूप, गर्म हवा और खानपान में अनियमितता लोगों को बीमार बना रही है। सुबह का भोजन शाम को या शाम का भोजन सुबह करने से फूड प्वाइजनिंग, डायरिया की दिक्कत बढ़ी है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी शरीर पर भारी पड़ रहा है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और ट्राॅमा सेंटर में ऐसे मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को भर्ती करने की नौबत भी आती है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना ऐसे तीन से चार सौ मरीज पहुंचते हैं जो पेट दर्द, डायरिया, बुखार, टाइफाइड आदि से पीड़ित होते हैं। दूषित पानी के कारण टाइफाइड के रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के डाॅ. अनुराग पाराशर ने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। बीमारी की मुख्य वजह बासी, बाजार का तली-भुना, तेज मसालेदार चीजें खाना भी है।
उल्टी और दस्त होने से मरीज के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में भर्ती करने की जरूरत भी पड़ती है। उन्होंने बताया कि ओआरएस या नमक-चीनी का घोल लें जिससे शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सके।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि गर्मी के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है। लू के चलते वार्ड तैयार कर लिया गया है, लेकिन अभी कोई ऐसा मरीज नहीं आया है। 730 बेड उपलब्ध हैं।