माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने सोमवार को जीविकोपार्जन मानदेय जारी रखने की मांग को लेकर डीआईओएस दफ्तर के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षक नेताओं ने कार्यालय में ताला डाल दिया और वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। तालाबंदी के चलते कई कर्मचारी दफ्तर में अंदर नहीं जा सके। इससे करीब दो घंटे तक कार्यालय का काम प्रभावित हुआ। सूचना पर 11:45 बजे सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचें और शिक्षकों को समझा-बुझाकर ताला खुलवाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने शिक्षकों से ज्ञापन लेकर उसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन खत्म हो गया।
जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव और महासचिव अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक सुबह 8:30 बजे डीआईओएस कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने सफाई कर रहे कर्मचारी से चाबी लेकर दफ्तर के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया। और नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट के सामने ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। लगभग दो घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट विनय श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और शिक्षकों को समझाकर ताला खुलवाया। शिक्षकों ने सिटी मजिस्ट्रेट को 10 सूत्री ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री से जीविकोपार्जन मानदेय बहाल रखने की मांग की। ज्ञापन में सभी शिक्षकों को एक समान वेतन देने, वर्ष 2010 की मान्यता के पश्चात से अब तक के समस्त शिक्षकों और कर्मचारियों को मानदेय देने आदि मांगें भी शामिल हैं।
धरना-प्रदर्शन में देवमोहन मिश्र, रामसुख मिश्र, आशीष कुमार, देवेंद्र कुमार, राजीव शुक्ला, वीर सिंह, हरीश कुमार, गौरव अवस्थी, अरविंद यादव, कृष्णकुमार पांडेय, मुनीश पाठक, संदीप यादव, पुरुषोत्तम, रामकुमार शर्मा, बृजेश चंद्र मिश्र, पवन यादव, राजेश आनंद, एसके सिंह, विपिन कुमार, शीवेंद्र सिंह, प्रभाकर, सीताराम आदि शामिल रहे।