खुटार में तमाम प्रयासों के बाद भी मंडी स्थल नहीं बन पा रहा है। लिहाजा किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य नहीं मिल पाता है। मंडी स्थल के निर्माण के लिए किसानों के अलावा व्यापारियों ने भी तमाम प्रयास किए लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। खुटार क्षेत्र में खेती का काम वैज्ञानिक ढंग से होने और बढ़िया मिट्टी के कारण यह क्षेत्र अनाज उत्पादन में प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। मंडी स्थल नहीं होने से केवल किसानों को ही नुकसान नहीं हो रहा बल्कि सरकार को भी राजस्व की क्षति हो रही है। यहां मंडी शुल्क की धड़ल्ले से चोरी की जा रही है। इसमें विभाग के कुछ विभीषण भी शामिल हैं। खुटार के तिकुनियां चौराहे पर इन्हें अक्सर वाहनों से वसूली करते देखा जा सकता है।
मंडी बनने से होंगे ये लाभ
व्यापारियों को उप मंडी में दुकानें आवंटित होंगी।
किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य मिलेगा।
किसानों को दलालों के शोषण से मुक्ति मिलेगी।
मंडी समिति क्षेत्र में संपर्क मार्ग बनाएगी।
एक ही जगह अनाज जाने से व्यापारियों को भी सुविधा होगी।
मंडी शुल्क की चोरी पर लगाम लगेगी। सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा।
क्यों उदासीन हैं अधिकारी
मंडी स्थल बनने से अनाज मंडी में आएगा। शुल्क की चोरी नहीं हो पाएगी।
बिचौलियों का वर्चस्व टूटने से अधिकारियों की ‘सेवा’ पर असर पड़ेगा।
काम की अधिकता होगी। व्यापारियों, किसानों के प्रति जवाबदेही बढ़ेगी।
क्षेत्र के व्यापारी नगर में मंडी स्थल खुलवाने के लिए सांसद और विधायक से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है। मंडी के अभाव में किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य नहीं मिल पाता है।
- पाल सिंह, पूर्व ज्येष्ठ उप ब्लाक प्रमुख, खुटार
वर्ष 2000 में मंडी स्थल के निर्माण की मांग की गई थी। तत्कालीन कृषि मंत्री ने जगह के लिए सर्वे के आदेश दिए लेकिन अधिकारियों ने जगह की तलाश नहीं की। दोबारा मांग किए जाने पर जगह लेने के आदेश जारी हुए। अब यह पत्रावली शासन स्तर पर विचाराधीन है।
- अनुपम शुक्ला, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, खुटार
मंडी स्थल जरूर बनाया जाना चाहिए। इससे व्यापारियों और किसानों का भला होगा। मंडी समिति पुवायां के अंतर्गत खुटार के उपमंडी स्थल का निर्माण हो जाता है तो राजस्व की भी बढ़ोत्तरी होगी।
- गुरुसेवक सिंह जिला उपाध्यक्ष, व्यापार मंडल शाहजहांपुर