यूपी बोर्ड परीक्षा करीब 15 दिन पहले होने और सर्दियों में छुट्टियां तथा छात्र-छात्राओं की संख्या एकदम घटने से विभिन्न विषयों का कोर्स पूरा कराना शिक्षकों के लिए मुश्किल हो रहा है। कोर्स पूरा कराने की चुनौती से जूझ रहे शिक्षकों के सामने सर्दियों में प्रयोगात्मक परीक्षा कराना भी भारी पड़ रहा है।
गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश इलाहाबाद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा हमेशा होली के इर्द-गिर्द यानी मार्च के प्रथम सप्ताह से ही शुरू होती रही है। इस बार बोर्ड ने परीक्षा 19 फरवरी से शुरू कराने का निर्णय लिया है, जिसके लिए परीक्षा कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। इस तरह परीक्षा शुरू होने में करीब छह सप्ताह ही बचे हैं, लेकिन कॉलेजों में अभी तक विज्ञान-गणित और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों का कोर्स भी पूरा नहीं हो सका है। कोर्स पूरा नहीं होने का एक कारण सर्दी को भी माना जा रहा है। पहले करीब एक सप्ताह की छुट्टियां रहीं, फिर छात्र-छात्राओं ने सर्दी के कारण स्कूल जाना ही बंद कर दिया।
शीत लहर के बीच ही प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथियां घोषित होने लगी, जिस कारण पढ़ाई बिल्कुल ठप हो गई। अब शिक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा कराने में व्यस्त हो गए हैं। हालांकि कई शिक्षकों ने कोर्स पूरा होने की बात कही है, लेकिन उन्होंने साथ में यह भी जोड़ दिया कि जो थोड़ी-बहुत कमी रह भी गई है, वह प्रयोगात्मक परीक्षा के बाद पूरी कर ली जाएगी। इसका मतलब साफ है कि कोर्स पूरा नहीं हुआ है।
अतिरिक्त कक्षाओं के दिए हैं निर्देश
प्रधानाचार्र्यों को मीटिंग में निर्देश दिए जा चुके हैं कि वह सर्दी कम होते ही अतिरिक्त कक्षाएं लगवाकर कोर्स पूरा कराएं, जिससे छात्रों का अहित न हो। परीक्षाएं जल्द होने के साथ ही मौसम ने भी काफी व्यवधान डाला है, इसके बावजूद पूरा प्रयास किया जा रहा है कि कालेजों की ओर से कोई कमी न रखी जाए।
- राकेश कुमार, डीआईओएस
छात्रों का अहित नहीं होने देंगे
परीक्षा समय से पहले होने और सर्दी के कारण कोर्स पूरा होने में कुछ कमी रह गई है, इसका एक कारण छात्रों का कालेज में नहीं आना भी है। जो कमी रह गई है वह प्रयोगात्मक परीक्षाएं संपन्न होते ही छात्रों को बुलाकर पूरी कर ली जाएगी। छात्रों का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
- आरपी सिंह, प्रवक्ता विज्ञान, एसपी कॉलेज
केवल अंग्रेजी का ही कोर्स पूरा है
अंग्रेजी का कोर्स पूरा है। अधिकांश शिक्षण कार्य 11वीं में ही पूरा करा दिया जाता है। कुल कोर्स का तिहाई भाग ही 12वीं में रखा जाता है, जो अर्द्धवार्षिक परीक्षा के दौरान पूरा हो जाता है। अब रिवीजन कराना होता है, जो प्रयोगात्मक परीक्षा बाद शुरू करा दिया जाएगा।
- त्रिवेंद्र गंगवार, प्रवक्ता अंग्रेजी, जीआईसी
गणित का कोर्स लगभग पूरा है। एक-एक, दो-दो नंबर वाले सवालों पर कुछ काम होना ही बाकी है, जो सर्दी कम होते ही शुरू कर दिया जाएगा। अभी छात्र भी नहीं आ रहे हैं, साथ ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी चल रही हैं। अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
- आनंद प्रकाश सक्सेना, प्रवक्ता, जीआईसी