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प्राइमरी स्कूलों में दूसरे दिन भी कम आए बच्चे

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शाहजहांपुर में बहादुरगंज रोटी गोदाम स्थित संविलियन विद्यालय में पढ़ाई करते कक्षा चार के बच्चे। - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। जनपद के परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी क्षेत्र के प्राइमरी स्कूलों में मंगलवार को दूसरे दिन कक्षा दो और चार के बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई। हालांकि, पहले दिन इन कक्षाओं में नामांकन की तुलना में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बहुत कम रही। बहादुरगंज स्थित रोटीगोदाम के संविलियन स्कूल में जितने छात्रों के अभिभावकों से सहमति पत्र प्राप्त हुए, उसकी तुलना में बच्चे कम संख्या में आए। इसी तरह श्री गुरुनानक पाठशाला कन्या हाईस्कूल के प्राइमरी सेक्शन की इन दोनों कक्षाओं में बमुश्किल 20 फीसदी बच्चे उपस्थित हुए। खास यह है कि प्राइमरी कक्षाएं लगने के साथ मध्याह्न भोजन का वितरण शुरू हो जाने से अन्य कक्षाओं के बच्चों को भी उनके अभिभावक दिवस वार पढ़ाई के निर्धारित रोस्टर की अनदेखी कर स्कूल भेज रहे हैं।
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रोटी गोदाम स्कूल के प्राथमिक अनुभाग की कक्षा दो और चार में लगभग 150 बच्चों के नाम लिखे हैं, लेकिन इन कक्षाओं में पहले दिन बमुश्किल 70 बच्चे पहुंचे जबकि अधिकतर अभिभावकों से सहमति पत्र प्राप्त हो चुके हैं। यही नहीं, कक्षा एक, तीन और पांच के भी कई बच्चे उनके अभिभावकों ने भेज दिए। इस तरह सुबह के वक्त 100 से ज्यादा बच्चे पहुंच गए। चूंकि, स्कूलों में मिड-डे मील पकने लगा है। इसलिए अन्य कक्षाओं के बच्चों को मध्याह्न भोजन खिलाने के बाद घर भेज दिया गया। शेष बच्चों को प्राइमरी की प्रधानाध्यापक रजना जौहरी, नीलम, कमला देवी आदि ने कक्षाओं में बिठाकर पढ़ाई कराई।
संविलियन स्कूल के प्रधानाध्यापक इमरान सईद खां के अनुसार स्कूल पहुंचे बच्चों को मध्याह्न भोजन दिए बगैर घर लौटाना ठीक नहीं समझा, लेकिन भोजन खिलाने के बाद उन्हें उनके घर भेज दिया गया क्योंकि सभी बच्चों को कक्षाओं मेें रोकने पर सामाजिक दूरी के पालन की समस्या आड़े आ रही थी। उन्होंने बताया कि अभिभावकों के साथ बैठक करके उन्हें बताया जा चुका है कि उन्हें अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को सप्ताह में केवल दो दिन स्कूल भेजना है। चूंकि आज अन्य कक्षाओं के बच्चे भी आ गए, इसलिए अभिभावकों को दिवस वार पढ़ाई के रोस्टर से दोबारा अवगत कराया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि कक्षा वार बच्चों की वास्तविक उपस्थिति की तुलना में मिड डे मील ज्यादा नहीं पकाया जाए।
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श्री गुरुनानक पाठशाला मेें दो बार हो रही थर्मल स्कैनिंग
कलक्ट्रेट के पीछे स्थित श्री गुरुनानक पाठशाला कन्या हाईस्कूल में भी अभी तक सूनी पड़ीं प्राथमिक कक्षाएं बच्चों से गुलजार होने लगीं हैं। हालांकि, मंगलवार को पहले दिन कक्षा दो और चार में केवल 33 बच्चे आए, जबकि इन दोनों कक्षाओं के दोहरे सेक्शनों में क्रमश: 79 और 101 बच्चों के नाम लिखे हैं। प्रधानाचार्य हरमीत कौर के अनुसार प्राइमरी की अन्य कक्षाओं के बच्चे भी आज स्कूल चले आए, लेकिन उन्हें दिवस वार पढ़ाई का चार्ट देकर घर भेज दिया गया। उनका कहना है कि लंबे समय बाद स्कूल खुले हैं, इसलिए छोटे बच्चों में स्कूल आकर पढ़ने को लेकर काफी उत्साह है और इसे देखते अगले शिक्षण दिवसों में कक्षा वार छात्र संख्या बढ़ने की उम्मीद है। जो बच्चे अपने मास्क घर भूल आए, उन्हें स्कूल की ओर से मास्क उपलब्ध कराने के बाद ही कक्षाओं में बिठाया गया। यही नहीं, बच्चों के स्कूल आने और घर जाने के समय इंफ्रारेड थर्मामीटर से दिन में दो बार उनकी थर्मल स्कैनिंग कराई जा रही है। प्रबंधक गुर प्रकाश सिंह के अनुसार यह व्यवस्था इसलिए लागू की कि अगर छुट्टी के समय कोई बच्चा बुखार सें ग्रस्त मिले तो उसके अभिभावक को अगले दिन उसे स्कूल नहीं भेजने के बारे में सूचित किया जा सके।
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यह है दिवस वार पढ़ाई का रोस्टर
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कक्षा एक व पांच सोमवार, बृहस्पतिवार
कक्षा दो व चार मंगलवार, शुक्रवार
कक्षा तीन बुधवार व शनिवार
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बच्चों की बात
रोटी गोदाम संविलियन स्कूल की कक्षा चार में बैठे विवेक का चेहरा स्कूल खुलने से मिली खुशी की गवाही दे रहा था। पूछने पर बोला: मैडम जी बहुत अच्छा पढ़ाती हैं और अब स्कूल में ज्यादा पढ़ने को मिलेगा।
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रोटी गोदाम स्कूल की कक्षा दो में बैठी श्रेष्ठी सिर झुकाए तन्मयता से कॉपी पर कुछ लिखती मिलीं। उससे पूछा कि कितने दिन बाद स्कूल आई हो तो तपाक से जवाब मिला-बहुत दिन बाद मम्मी-पापा ने स्कूल भेजा।
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श्री गुरुनानक पाठशाला मेें चौथी कक्षा में बैठी शिवांगी से कुछ पूछना चाहा तो उसने लिखना छोड़कर सिर ऊपर उठाया और नीचे खिसक चुका मास्क ऊपर उठाकर आधा चेहरा ढक लिया। सिर्फ इतना बोली-अच्छा लग रहा है।
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श्री गुरुनानक पाठशाला की दूसरी कक्षा में पढ़ाई के दौरान ब्लैक बोर्ड की ओर देख रहे तनुज का अपनी ओर ध्यान खींचा। पूछा घर कहां है तो बोला कि बहुत दूर है। उसे देखकर नहीं लगा कि घर की याद आ रही है।
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