आगामी शैक्षिक सत्र 2015-16 की शुरुआत सीबीएसई और आईसीएससी बोर्ड की तर्ज पर एक अप्रैल से होगी। इस वजह से ‘स्कूल चलो अभियान’ का नारा मार्च महीने में शहर और गांवों की गलियों में गूंजता सुनाई देगा। साथ ही रैलियां, प्रभात फेरियां, विचार गोष्ठियों और मोहल्ला बैठकों का भी आयोजन होगा।
प्रदेश के सभी बच्चों के नामांकन को चुनौतीपूर्ण कार्य मानते हुए इससे संबंधित आदेश प्रदेश शासन के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सभी जिलों के डीएम को दिए हैं, जिससे छह से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा दी जा सके। इसके लिए रंजन ने स्कूल चलो अभियान के क्रियान्वयन का फार्मेट भी तैयार करके भेज दिया है। इससे 15 फरवरी से शत-प्रतिशत नामांकन कराने का कार्य शुरू हो जाएगा।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों पर रहेगा विशेष ध्यान
शिक्षक और शिक्षक अपने स्कूल क्षेत्र में घर-घर जाकर बच्चों के मां-बाप से मिलकर उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में बताकर नामांकन कराने के लिए प्रेरित करेंगे। इसमें आउट ऑफ स्कूल बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से कक्षा में प्रवेश दिलाया जाएगा।
नए विद्यार्थियों की हाजिरी पर रहेगी खास नजर
स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का कक्षावार विवरण तैयार किया जाएगा। शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद कक्षा एक और छह में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर खास नजर रहेगी। साथ ही नामांकन की कक्षावार सूचना इसी सात मई तक राज्य परियोजना कार्यालय में भेजी जाएगी।
‘स्कूल चलो अभियान को समय से क्रियान्वित करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिला शिक्षा परियोजना समिति की बैठक जल्द ही डीएम की अध्यक्षता में होगी। इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। डीएम से अनुमति मिलते ही बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी।’
- राजेश कुमार वर्मा, बीएसए