तिलहर में हाईवे पर लाइन से खड़ी ईको कार। संवाद
शाहजहांपुर। निजी ईको वैन का व्यावसायिक रूप से संचालन हो रहा है। रोडवेज बस अड्डे, बरेली मोड़, हरदोई बाइपास समेत कई स्थानों पर ईको वैनों से डग्गामारी हो रही है। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने मुंह फेर रखा है। इससे परिवहन निगम को रोजाना लाखों रुपये की चपत लग रही है।
लोगों ने ईको वैन को खरीदने के बाद निजी उपयोग के बजाय उसे सवारी लाने-ले जाने पर लगा दिया है। बरेली मोड़ से तिलहर, मीरानपुर कटरा, फरीदपुर और बरेली तक 90 रुपये में सवारी बैठाकर छोड़ी जा रही है। रोडवेज बस में 119 रुपये देने पड़ते हैं। लोग रोडवेज बस के बजाय ईको वैन का सफर मुफीद समझते हैं।
इसी तरह रोडवेज बस अड्डे के पास ईको वैन लाइन से खड़ी होती हैं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध स्टैंड से ईको वैन का संचालन किया जाता है। निजी नंबरों पर व्यावसायिक कार्य किया जाता है।
ईको वैनों का अवैध रूप से संचालन मिलने पर कार्रवाई की जाती है। लगातार निगरानी की जा रही है।
- सर्वेश सिंह, एआरटीओ