शाहजहांपुर की अजीजगंज चौकी की पुलिस की पिटाई से मंगलवार को एक ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने आरोपी सिपाहियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर लखनऊ-बरेली हाईवे पर मौजमपुर गांव के समीप जाम लगा दिया। आश्वसन पर भी जाम न खोलने पर पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए शव एंबुलेंस में रखवाकर जिला अस्पताल रवाना किया, मगर कुछ ही कदम पर एंबुलेंस रोककर भीड़ ने पथराव करते हुए शव फिर कब्जे में ले लिया।
चौक कोतवाली क्षेत्र के गांव मौजमपुर निवासी 55 वर्षीय बालेश्वर ई-रिक्शा चलाता था। उसे मंगलवार सुबह अजीजगंज चौकी पुलिस ने रोक लिया। परिवार वालों के अनुसार चौकी ले जाने के बाद तीन सिपाहियों ने उससे ई-रिक्शा के कागज मांगे। आरोप है कि कागज नहीं दिखा पाने पर तीनों सिपाहियों ने उसकी पिटाई कर दी। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद सिपाहियों ने बालेश्वर को उसके साथी राजकुमार से कहकर उसके गांव भिजवा दिया। घर पहुंचने पर जब उसकी हालत बिगड़ी तो परिवार के लोग उसे लेकर वृंदावन गार्डेन में बने एक प्राइवेट नर्सिंग होम लेकर गए, जहां दोपहर लगभग 2:30 बजे उसकी मौत हो गई।
परिजन शव को नर्सिंग होम से लेकर गांव को चल दिए। मगर गांव के सामने पहुंचने पर करीब 3:30 बजे हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। कुछ ही देर में चौक कोतवाली इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को शांत करने की कोशिश की लेकिन उत्तेजित लोगों में शामिल कुछ लोगों ने बरेली से आ रही रोडवेज बस पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए। बवाल होने की आशंका में कांट, सदर, रामचंद्र मिशन, महिला थाना का फोर्स और पहुंच गया। सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एसडीएम सदर रामजी मिश्रा, सीओ सदर बल्देव सिंह खनेड़ा भी पहुंच गए।
पूर्व मंत्री के जाते ही पुलिस ने किया लाठीचार्ज
रात करीब पौने आठ बजे पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा मौके पर पहुंचे और लोगों को जाम खोलने के लिए समझाया। आश्वस्त किया कि वह बुधवार तक एक लाख रुपये दिला देंगे, बाकी रकम बाद में मिल जाएगी। लोगों ने उनकी बात नहीं मानी तो पूर्व मंत्री मौके से चले गए। उनके हटते ही पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए शव कब्जे में ले लिया। इस पर भीड़ ने पथराव किया। पुलिस जिस एंबुलेंस से शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवा रही थी, उसे कुछ ही कदम पर फिर भीड़ ने रोक लिया और एंबुलेंस पर भी पथराव किया। इससे एंबुलेंस के शीशे टूट गए। भीड़ ने शव एंबुलेंस से उतारकर अपने कब्जे में ले लिया। बाद में एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। खबर लिखे जाने तक बातचीत जारी थी।
20 लाख मुआवजा की जिद पर अड़े रहे परिजन
मामला गंभीर होते देख प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा तत्काल दिए जाने, बाद में और पांच लाख रुपये दिए जाने का आश्वासन दिया लेकिन परिजन तत्काल बीस लाख रुपये दिए जाने की जिद पर अड़े थे।
हाईवे का रूट किया डायवर्ट
जहां जाम लगाया गया, वह जगह बरेली मोड़ से कटरा की ओर करीब पांच किलोमीटर दूर है। जाम से लंबा जाम लगने पर करीब साढ़े पांच बजे लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों को जलालाबाद और कटरा होते हुए बरेली की ओर निकाला गया। कटरा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी यही वैकल्पिक रास्ता तय किया गया।