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Shahjahanpur News: शहर में ही चलीं ई-बसें, दिनभर जान से जूझे लोग

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देव कुमार, सदर बाजार।
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शाहजहांपुर। शाहजहांपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एससीटीएसएल) ने ई-बस सेवा का संचालन नगर निगम क्षेत्र के बाहर बंद कर दिया है। मंगलवार को नगर निगम क्षेत्र में ही ई-बसों का संचालन हुआ। इससे शहर में जाम की स्थिति बनी रही। जानकारी के अभाव में शहर के बाहर जाने वाले लोग भटकते नजर आए। निगम क्षेत्र के छह रूट में 22 बसों का संचालन शुरू हो गया है। संभावना व्यक्त की जा रही है सिर्फ नगर निगम क्षेत्र में ई-बसों का संचालन होने से आय में कमी आएगी।
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वर्ष 2022 में नगर निगम क्षेत्र में ई-बस सेवा की शुरुआत पांच बसों के साथ हुई थी। इसके बाद शासन की ओर से 20 बसें और मिल गईं। कुल 25 ई-बसों का संचालन होने लगा। संख्या बढ़ने पर बसों का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों जलालाबाद, पुवायां, निगोही, बंडा, खुटार व बीसलपुर तक कर दिया गया।
एसी बसों में आरामदायक सफर होने की वजह से व्यापार और नौकरी करने वाले लोग इनमें सफर करते रहे। शासन के निर्देश पर मंगलवार से शहर के बाहरी क्षेत्रों में बसों का संचालन बंद कर दिया गया। ऐसे में मंगलवार को शहर की सड़कों पर 22 ई-बसों के संचालन को लेकर पसोपेश बना रहा। नगर निगम ने रूट चार्ट तो बना लिया, लेकिन पहले ही दिन बसों के दौड़ने से जाम की स्थिति बनी रही।
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निगम की ओर से ये बनाए गए छह रूट

- ककरा से बरेली मोड़, हरदोई वाईपास, सेटेलाइट बस अड्डा रोजा।

- ककरा से रोडवेज बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, कचहरी, लोधीपुर, हथौड़ा चौराहा,ग्रीनवेली-सेटेलाइट बस अड्डा
- ककरा से बरेली मोड़, केरूगंज, खिरनीबाग, कचहरी, रोडवेज बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन

- ककरा से सतवां, गदियाना, रोडवेज बस स्टेशन, हथौड़ा चौराहा, ग्रीनवैली, पुत्तूलाल चौराहा, सराय काइयां-हरदोई बाइपास।
- ककरा से बरेली मोड़, घंटाघर, लाल इमली चौराहा, रोडवेज बस स्टेशन, महिला थाना व चिनौर।

- ककरा से बरेली मोड़-केरूगंज-पुत्तूलाल चौराहा- सेटेलाइट बस अड्डा- रोजा।


लोगों की बातचीत



खुटार काम से जाना है। रोडवेज स्टैंड पर खड़े होकर ई-बस का इंतजार कर रहे हैं। एक घंटे से कोई बस नहीं आई।



- देव कुमार, सदर बाजार


शहर आए थे। घर जाने के लिए ई-बस का इंतजार कर रहे हैं। बसों के बंद होने की कोई सूचना नहीं है। इससे काफी परेशानी हुई है।



- अरमान, पुवायां


सवा लाख से मात्र 4500 रुपये बची आय

ग्रामीण इलाकों में ई-बस सेवा बंद होने से राजस्व काफी कम हो गया है। पहले 22 बसों से एक से सवा लाख रुपये रोजाना की टिकट बिक्री होती थी, जबकि मंगलवार को शहरी क्षेत्र के अंदर बसें संचालित होने पर बसों ने मात्र 4500 रुपये कमाए हैं। इतनी कम आय होने से बसों की मरम्मत या देखरेख का भी खर्च निकलना मुश्किल है। प्रबंधक संचालन मोहम्मद हुमायूं लारी ने इसकी पुष्टि की है।
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शासन के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र के बाहर ई-बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। नगर निगम क्षेत्र में छह रूट निर्धारित किए गए हैं, आय में कमी आएगी।

- मोहम्मद हुमायूं लारी, प्रबंधक, संचालन, एससीटीएसएल ककरा डिपो

देव कुमार, सदर बाजार।

देव कुमार, सदर बाजार।

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