0 कृषि विज्ञान केंद्र में जिला स्तरीय औद्यानिक कृषक गोष्ठी
0 फूलों और औषधीय पौधों की खेती पर वैज्ञानिकों ने दिया बल
0 कृषि प्रदर्शनी में सब्जियों के स्टॉल लगाकर किसानों ने प्रशंसा बटोरी
नियामतपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में उद्यान विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को किसानों की गोष्ठी और कृषि प्रदर्शनी आयोजित की गई। डीएम नरेंद्र कुमार सिंह ने गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहा कि किसान खेती में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके कृषि उत्पादन में आसानी से बढ़ोतरी कर सकते हैं। इस मौके पर कृषि विभाग के अधिकारियों और शस्य वैज्ञानिकों ने कृषि से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देने के साथ फूलों और औषधीय पौधों की खेती करने पर जोर दिया।
डीएम ने कहा कि खेत की तैयारी से लेकर बीज की बुवाई और फसल की कटाई में नवीनतम तकनीकों और आधुनिक कृषि यंत्रों का इस्तेमाल करके न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना संभव होगा, उत्पादन लागत भी कम होगी। उन्होंने कहा कि दोहरा लाभ होने से केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों की फसली आय दोगुनी हो सकेगी। सीडीओ संजीव सिंह ने कहा कि किसान भाई पारंपरिक फसलों के साथ अन्य फसलों की खेती करके कृषि आय आसानी से दोगुनी कर सकते हैं।
सीडीओ ने फसलों की कटाई के बाद खेत खाली करने को नरई जलाने के बजाय उसे जुताई कर खेत में पलटने पर जोर देते हुए कहा कि खेत में नरई जलने से मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटने से कृषि उत्पादन भी कम हो जाता है, लेकिन वही फसल अवशेष खेत में सड़ाने-गलाने से विघटित होकर जैविक खाद जैसे लाभकारी प्रभाव छोड़ते हैं।
इससे पूर्व, केंद्र प्रभारी डॉ. एलबी सिंह ने किसानों की आय दोगुनी करने संबंधी कार्य योजना की जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके वर्मा ने आम-अमरूद आदि के रखरखाव और सामयिक खेती की विधियां बताईं। शस्य वैज्ञानिक डॉ. केएम सिंह ने आलू के साथ गन्ना की सह फसली खेती के फायदे गिनाए। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नूतन वर्मा मशरूम उत्पादन की अनुकूल परिस्थितियों के साथ सब्जियों की खेती और उनमें कीट रोगों से बचाव के तरीके बताए।
प्रारंभ में डीएम और सीडीओ ने कृषि वैज्ञानिकाें की टीम के साथ प्रदर्शनी में किसानों के स्टालों का निरीक्षण किया। मौसमी सब्जियों में शुमार गोभी, केला, शिमला मिर्च उगाने वाले किसानों ने बताया कि इन सब्जियों की बाजार में अच्छी मांग से दोगुना मुनाफा हुआ है। किसानों का हौसला बढ़ाते हुए डीएम ने फल संरक्षण अधिकारी को निर्देश दिया कि किसानों को अचार बनाने का प्रशिक्षण दिलाएं। गोष्ठी में कृषि उप निदेशक डॉ. आरबी सिंह, जिला कृषि अधिकारी आनंद त्रिपाठी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर गौतम, जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा आदि ने विभागीय योजनाओं का ब्यौरा दिया।